नई दिल्ली। केरल में मुख्यमंत्री (Keral CM) पद को लेकर 11 दिनों से जारी सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया। कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन (V. D. Satheesan) को विधायक दल का नेता चुनते हुए राज्य का अगला मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। इसके साथ ही कांग्रेस खेमे में जश्न शुरू हो गया, लेकिन भाजपा ने इस फैसले पर तीखा हमला बोला है।
भाजपा का आरोप है कि मुख्यमंत्री का चयन कांग्रेस विधायकों की पसंद से नहीं, बल्कि सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के दबाव में किया गया है। पार्टी का दावा है कि आने वाले पांच वर्षों तक केरल की सरकार “रिमोट कंट्रोल” से चलाई जाएगी।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए लिखा कि जनता के जनादेश और विधायकों की राय को नजरअंदाज कर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की पसंद को मुख्यमंत्री बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और जमात के दबाव में कांग्रेस हाईकमान ने यह फैसला लिया।
एक वीडियो संदेश में पूनावाला ने कहा कि “वीडी सतीशन कांग्रेस के नहीं, बल्कि मुस्लिम लीग के मुख्यमंत्री हैं।” उन्होंने दावा किया कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग नेतृत्व ने पहले ही कांग्रेस हाईकमान को अपनी पसंद बता दी थी और उसी आधार पर बाकी दावेदारों को किनारे कर दिया गया।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी ने वायनाड की राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सतीशन के नाम पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम लीग और जमात को साधने के लिए कांग्रेस ने यह फैसला किया है।
वहीं भाजपा केरल ने भी सोशल मीडिया पर कई मीम साझा कर कांग्रेस का मजाक उड़ाया। एक पोस्ट में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग नेता Sayyid Sadiq Ali Shihab Thangal को सत्ता का केंद्र बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व को उनके सामने झुका हुआ दिखाया गया। भाजपा ने पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस अब इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के बिना केरल में टिक नहीं सकती।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस ने अभी तक भाजपा के इन आरोपों पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि विधायक दल ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सर्वसम्मति से वीडी सतीशन को नेता चुना है।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत यूडीएफ गठबंधन ने 140 में से 102 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इनमें कांग्रेस को 63, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को 22, केरल कांग्रेस (केईसी) को 8 और अन्य सहयोगी दलों को सीटें मिली हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved