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प्रधानमंत्री ने असम के भूमिहीनों को जमीन के पट्टा देने के कार्यक्रम का किया शुभारंभ

शिवसागर । कोरोना काल में पहली बार असम पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को शिवसागर जिला के ऐतिहासिक जेरेंगा पथार (मैदान) में राज्य के स्थानीय भूमिहीन 1.06 लाख परिवारों को भूमि के स्वामित्व का अधिकार देने के कार्यक्रम का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने ब्रजेन मोरान, रत्न कांति सोनोवाल, पुवाल देउरी, निलमनि पायेंग, देव कुमार, रितुमनि गोगोई, मुहम्मद इनामुल हजारिका, चंपा सरकार, बोलिन सैकिया को भूमि के स्वामित्व का प्रमाण पत्र प्रदान कर इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत असमिया भाषा में राज्यवासियों का स्वागत करते हुए किया। उन्होंने जेरेंगा पथार को लेकर पूर्व की सरकारों पर इसकी अनदेखी का भी आरोप लगाया गया है। इस कारण देश की आजादी के 70 वर्ष बाद देश का शीर्ष नेतृत्व पहली बार इस मौदान में पहुंचा है। इसको लेकर यहां के लोगों में भारी खुशी देखी गयी। जेरेंगा पथार को सति जयमति के द्वारा देश की आजादी के लिए बलिदान के रूप में भी जाना जाता है। प्रधानमंत्री से प्रमाण पत्र लेने वाले लोगों का सरकार ने पहले ही आरटीपीसीआर के जरिए कोरोना का टेस्ट करवाया था।

कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य के शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त आदि मामलों के मंत्री डॉ हिमंत विश्वशर्मा के उद्घाटन भाषण से हुआ। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने भी प्रधानमंत्री के सबल नेतृत्व की सराहना करते हुए असम के विकास में उनके योगदान का उल्लेख किया।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री रामेश्वर तेली,शिक्षा मंत्री डॉ. विश्वशर्मा, असम सरकार के मंत्री संजय किसान, मंत्री जगनमोहन, असम गण परिषद के अध्यक्ष व राज्य के कृषि मंत्री अतुल कुमार बोरा, मंत्री केशव महंत, हाउसफेड के चेयरमैन रंजीत कुमार दास, सांसदगण, विधायकगण के साथ ही लाखों स्थानीय लोग इस मौके पर मौजूद थे।

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