
डेस्क: महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाताओं को राहत देने के लिए शनिवार और रविवार को विशेष शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों में मतदाता सूची से जुड़ी गलतियों को सुधारने के साथ-साथ नए मतदाताओं के नाम दर्ज कराने की सुविधा भी दी जाएगी. महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) एस. चोकलिंगम ने इसकी जानकारी दी है. इससे पहले CEO चोकलिंगम ने ECINet को लेकर चुनाव आयोग को कई खत लिखा था.
रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र के CEO एस. चोकलिंगम ने 24 सितंबर को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर ECINet में कुछ बदलावों की मांग की थी. इनमें ऐसे मामलों में सुनवाई से छूट देने की सुविधा शामिल थी, जिसमें मतदाता संतोषजनक दस्तावेज जमा कर चुका हो. उन्होंने ऐसे दस्तावेजों को स्वीकार करने की सुविधा भी मांगी जो आयोग की सूची में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, CEO एस. चोकलिंगम ने यह भी मांग की थी कि कुछ मामलों में ERO को उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर खुद निर्णय लेने की सुविधा मिले. मौजूदा व्यवस्था में कुछ ऐसे मामलों को आगे सत्यापन के लिए भेजना पड़ता है. हालांकि, 26 सितंबर को चुनाव आयोग ने SIR से जुड़ी कई व्यवस्थाओं में स्पष्टीकरण जारी किया था. EC ने कहा कि जिन मतदाताओं के मामलों में तार्किक विसंगति सामने आती है, उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाना जरूरी नहीं होगा.
इसके अलावा ECINet की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित करने और उसमें IIT या IIIT के स्वतंत्र विशेषज्ञ को शामिल करने की बात भी कही गई. गौरतलब है कि महाराष्ट्र में करीब 1 लाख 300 मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान चलाया जाएगा. वहीं मुंबई में करीब 10 हजार मतदान केंद्रों पर भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे. इन शिविरों के दौरान मतदाता अपने नाम, पते और पंजीकरण से जुड़ी गलतियों की जांच कराकर उनमें संशोधन करा सकेंगे.
SIR के दौरान पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है. जिन युवाओं की उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, उनके नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए कॉलेजों में विशेष पंजीकरण अभियान चलाया जाएगा. चुनाव विभाग ने ऐसे युवाओं से अपील की है कि वे विशेष शिविरों और पंजीकरण अभियान का लाभ उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो.
महाराष्ट्र में SIR के तहत मतदाता सूची के ड्राफ्ट को लेकर दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा 12 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है. चुनाव आयोग ने पहले निर्धारित समयसीमा में बदलाव किया है ताकि मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त समय मिल सके. दावों और आपत्तियों का निपटारा 10 नवंबर तक किया जाएगा. इसके बाद महाराष्ट्र की अंतिम मतदाता सूची 16 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी.
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