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राहुल गांधी: मैं प्रधानमंत्री को बता दू, किसान नहीं उठेंगे जब तक तीनों कानून वापस नहीं लिए जाएंगे

केंद्र सरकार द्वारा लाए तीन कृषि कानूनों के विरोध में 29 दिनों से किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। जहां सरकार ने किसानों को दिल्ली के बाहर ही रोका हुआ है, वहीं विपक्ष दिल्ली के भीतर ही सरकार को घेरने में लगा हुआ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कृषि कानूनों पर बोलते हुए कहा कि जो भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ खड़ा होगा, उसे आतंकवादी बताया जाएगा, फिर वो मोहन भागवत ही क्यों ना हो। राहुल ने कृषि कानूनों को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकत की और इस मुद्दे को उठाया।

राष्ट्रपति भवन से निकलने के बात कांग्रेस नेता मीडिया से मुखातिब हुए और मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। इस दौरान एक संवाददाता ने राहुल से लोकतंत्र को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि आप किस देश की बात कर रहे हैं, भारत में कोई लोकतंत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में कोई लोकतंत्र नहीं है, ये सिर्फ कल्पना में हो सकता है लेकिन वास्तव में नहीं है। नेताओं को हिरासत में लेना इस सरकार के कार्यकाल में सामान्य बात है। 

राहुल गांधी ने कहा कि आपके पास एक अक्षम शख्स है, जो कुछ भी नहीं समझता और सिस्टम को उन तीन-चार लोगों के पक्ष में चला रहा है, जो सब समझते हैं। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि पीएम मोदी पूंजीपतियों के लिए पैसा बना रहे हैं। जो भी उनके खिलाफ खड़ा होगा, उसे आतंकवादी बताया जाएगा, चाहे वो किसान हो, मजदूर हो या मोहन भागवत हों। 

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, मैं प्रधानमंत्री को बताना चाहता हूं कि ये किसान तब तक नहीं उठेंगे, जब तक ये तीनों कानून वापस नहीं लिए जाएंगे। संसद का संयुक्त सत्र बुलाया जाए और इन तीनों कानूनों को वापस लिया जाए। विपक्षी पार्टियां किसान और मजदूरों के साथ खड़ी हैं। राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन, करोड़ों किसानों के हस्ताक्षर राहुल ने कहा, ये कानून जबरदस्ती थोपे गए हैं। हमने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का ज्ञापन सौंप दिया है, इसमें करोड़ों किसानों के हस्ताक्षर सौंपे गए हैं। हमने राष्ट्रपति को बताया कि ये कानून किसान विरोधी कानून हैं। देश ने देखा है कि किसान इन कानूनों के खिलाफ उठ खड़े हुए हैं।

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