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त्रिपुरा में सरकार के खिलाफ बगावत, विधायकों ने सीएम के खिलाफ खोला मोर्चा


नई दिल्ली। पूर्वोत्तर के बीजेपी शासित राज्य त्रिपुरा में मुख्यमंत्री बिप्लब देब के खिलाफ असंतोष पैदा हो रहा है। अपने लिए इंसाफ और सीएम पर लगाम की मांग को लेकर त्रिपुरा के कुछ बीजेपी विधायक इन दिनों राजधानी दिल्ली में कैंप कर रहे हैं। अगरतला से 2500 किलोमीटर की यात्रा कर दिल्ली पहुंचे ये विधायक पार्टी आलाकमान से मिलकर सीएम की शिकायत करना चाहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस वक्त 11 विधायक दिल्ली में कैंप कर रहे हैं। इन विधायकों को बिप्लब कैबिनेट के कुछ मंत्रियों का समर्थन भी हासिल है।

शनिवार को त्रिपुरा के सूर्यमणि नगर से विधायक राम प्रसाद पाल ने बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात की और उन्होंने विधायकों की चिंताओं और सीएम के मनमानी रवैये से अवगत कराया। सूत्रों के मुताबिक विधायकों का स्पष्ट कहना है कि उन्हें बीजेपी से कोई दिक्कत नहीं है और वे पीएम मोदी के नेतृत्व के प्रति निष्ठावान हैं।

विधायकों की शिकायत सीएम से है। विधायकों का आरोप है कि सीएम विधायकों, मंत्रियों और राज्य में वाम शासन को उखाड़ फेंकने में अहम रोल अदा करने वाले पार्टी के पुराने नेताओं की मांगों, चिंताओं पर ध्यान नहीं देते हैं और इसे लेकर सीएम का रवैया उदासीन है। राम प्रसाद पाल का दावा है कि उन्हें 25 विधायकों का समर्थन हासिल है जो मौजूदा परिस्थितियों की वजह से सीएम के खिलाफ खुलकर सामने नहीं आना चाहते हैं, लेकिन इनका कहना है कि राज्य नेतृत्व से इनका भरोसा लगातार कम हो रहा है। जो विधायक दिल्ली में हैं, उनमें सुशांत चौधरी, परिमल देब बर्मा, आरसी रंखवाल, आशीष दास, अतुल देब बर्मा, बर्ब मोहन त्रिपुरा और खुद राम प्रसाद पाल शामिल हैं।

तेलियामुरा से विधायक कल्याणी राय तो पब्लिक फोरम पर सीएम से नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। बता दें कि कल्याणी राय त्रिपुरा की दो महिला विधायकों में से एक हैं। त्रिपुरा की बिप्लब देव सरकार को 44 विधायकों का समर्थन हासिल है, इसमें 8 विधायक IPFT के हैं। राम प्रसाद पाल का दावा है कि उन्हें IPFT के विधायकों का भी समर्थन हासिल है। माना जाता है कि बिप्लब देब को पीएम मोदी और केंद्रीय नेतृत्व का वरदहस्त हासिल है, लेकिन उनके खिलाफ बढ़ती शिकायतें उनकी छवि के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती हैं। दिल्ली में डेरा डाले इन विधायकों का मानना है कि अगले चुनावों में जीत और पार्टी की मजबूती को बरकरार रखने के लिए उनकी चिंताओं पर ध्यान देना जरूरी है। ये विधायक अब पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से मिलना चाहते हैं।

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