
इंदौर। नगर निगम के मुख्यालय के सामने स्थित शिवाजी मार्केट को तोडऩे की कवायद के बीच मार्केट के व्यापारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन में कांग्रेस भी मैदान में उतर गई है। कांग्रेस ने व्यापारियों से कहा है कि परिवार सहित दुकान के क्षेत्र में आकर डेरा डाल दो।
शिवाजी मार्केट की दुकानों को तोडऩे के लिए नगर निगम कसरत कर रहा है। कभी मामला न्यायालय में जाने के कारण लंबित हो जाता है तो कभी निगम के अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने के कारण लंबित हो जाता है। अब न्यायालय से भी फैसला आ चुका है और निगम द्वारा बेदखली अधिनियम के तहत लगाए गए आवेदन पर भी फैसला आ गया है। इसके परिणामस्वरूप अब इस मार्केट को तोडऩे के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
इसी बीच कल दोपहर बाद मार्केट के सभी व्यापारियों ने अपनी दुकान को बंद कर आंदोलन का बिगुल बजा दिया। व्यापारी अपनी दुकान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। व्यापारियों द्वारा शुरू किए गए इस आंदोलन में कांग्रेस भी उतर गई है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे कल शाम को इन दुकान के बाहर फुटपाथ पर आयोजित व्यापारियों की बैठक में भाग लेने के लिए पहुंच गए। इस बैठक में उन्होंने व्यापारियों से कहा कि आज से अपने परिवार को भी दुकान पर लाओं और दुकान के बाहर डेरा डाल दो। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में व्यापारियों के साथ कांग्रेस भी खड़ी है। हम इंदौर नगर निगम को मनमानी नहीं करने देंगे।
मेट्रो ने मांगी है जगह
शिवाजी मार्केट में कुल 126 दुकान हैं। इसमें से मेट्रो ट्रेन कंपनी को काम करने के लिए 24 दुकान का स्थान चाहिए। मेट्रो ट्रेन कंपनी द्वारा इस स्थान को मांगा गया है। इसके लिए कंपनी ने नगर निगम द्वारा दिए गए डिमांड नोट के आधार पर दुकान के निर्माण की लागत की राशि भी निगम में जमा करवा दी है।
पुनर्वास का स्थान पसंद नहीं
निगम द्वारा इन व्यापारियों का पुनर्वास करते हुए उन्हें नंदलालपुरा में निर्मित किए गए बहुमंजिला भवन में दुकान देने की पहल की गई है। व्यापारी इस नए स्थान पर जाने के लिए तैयार नहीं हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस स्थान पर हम दुकान ले लेंगे तो वहां दुकान नहीं चलेगी।
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