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समुद्र के रास्ते तस्करी, सरहद पार ठिकाना और नशे का कारोबार….कुछ ऐसी है हाजी सलीम की क्राइम कुंडली

नई दिल्ली (New Delhi) । पिछले एक साल में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (Narcotics Control Bureau) ने ड्रग्स की बड़ी खेप बरामद की है. इसके बाद जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वो है हाजी सलीम उर्फ हाजी अली. ये एक ऐसा शख्स है, जिस पर एनसीबी समेत तमाम भारतीय एजेंसियों (Indian agencies) ने निगाहें लगा रखी है. लेकिन ये शख्स सरहद पार बैठकर आधी दुनिया में नशे का कारोबार चला रहा है. आइए जान लेते हैं हाजी सलीम (haji salim) की क्राइम कुंडली.

कौन है हाजी सलीम?
हाजी सलीम उर्फ हाजी अली उर्फ हाजी सलीम अली अफगानिस्तान (Afghanistan) का रहने वाला बताया जाता है. लेकिन वो पाकिस्तान में रहता है. वो नशे का बड़ा कारोबारी है. पहले वो अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर ड्रग्स की तस्करी किया करता था. लेकिन बाद में उसने अफगानिस्तान और पाकिस्तान (Afghanistan and Pakistan) की सरहद से बाहर निकलकर अपने जहरीले कारोबार को कई देशों तक फैला दिया है. साल 2015 के बाद वो ड्रग्स किंग बनकर उभरा और वो पूरी दुनिया में एक ड्रग माफिया लॉर्ड के नाम से कुख्यात हो गया.

भारत में साल 2016 के बाद नशे की जितनी भी बड़ी खेप पकड़ी गई हैं, उनके पीछे कहीं ना कही हाजी सलीम का ही हाथ था. वो समुद्र के रास्ते तस्करी करने में माहिर है. उसने अरब सागर में अपना अच्छा खासा नेटवर्क बना रखा है. ड्रग्स किंग हाजी सलीम के बारे में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में करीब 4 ल पहले नारकोटिक्ट कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को जानकारी दी थी. क्योंकि भारत में हेरोइन की बड़ी खेप भेजने वाला कोई और नहीं बल्कि हाजी सलीम ही है. वो अरब सागर के रास्ते ही भारत में नशे का सामान भेजता है.


ऑपरेशन समुद्रगुप्त
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने ऑपरेशन समुद्रगुप्त के तहत देश की अलग-अलग एजेंसियों के साथ मिलकर 1 साल में 40 हजार करोड़ की ड्रग्स पकड़ी है. पाकिस्तान में बैठा हाजी सलीम ड्रग्स का सबसे बड़ा ऑपरेटिव है. हाल फिलहाल में सीज की गई ड्रग्स हाजी सलीम नाम का शख्स ही सप्लाई कर रहा था, जिस पर भारतीय खुफिया एजेंसियों की नजर बनी हुई है.

ISI और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन
ऑपरेशन समुद्रगुप्त (Operation Samudragupt) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की पोल खोलकर रख दी है. ड्रग्स तस्करी के इस मामले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन भी सामने आया है. साथ ही पता चला है कि भारत में भेजी जा रही ड्रग्स से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अंडरवर्ल्ड को भी फंडिग हो रही है. एक मोटी रकम वो इस काले धंधे से कमा रहे हैं.

ISI का ‘नया दाऊद’
हाजी सलीम नशे का सामान खास तरीके से सप्लाई करता है. वो ज्यादातर समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करता है. वो ड्रग्स को समुद्र में अलग- अलग रूट के जरिए भारत और दूसरे देशों के अलग-अलग पोर्ट पर भेजता है. हाजी अली चला रहा है सिंडिकेट आईएसआई (ISI) का यह ‘नया दाऊद’ हाजी अली अब इंडियन एजेंसी के रडार पर है. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में ड्रग्स सप्लाई कर अरबों रुपये कमा रही है.

ड्रग्स ट्रैफिकिंग के लिए समुद्र का इस्तेमाल
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डिप्टी डायरेक्टर (जनरल ऑपरेशन) संजय सिंह ने बड़ा खुलासा किया. उन्होंने ‘आजतक’ को बताया कि फरवरी 2022 में ऑपरेशन समुद्रगुप्त लॉन्च किया गया था. जिसके तहत पता चला कि ड्रग्स ट्रैफिकिंग के लिए समुद्र का इस्तेमाल किया जा रहा है और इसमें बड़े-बड़े सिंडिकेट शामिल हैं.

भारतीय नौसेना और कोस्टगार्ड से ली मदद
इस अहम जानकारी के मिलने पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने भारतीय नौसेना और कोस्टगार्ड की मदद से ऑपरेशन शुरू किया. जिसके तहत पाकिस्तान, बहरीन या दुबई से ऑपरेट करने वाले तस्करों पर कड़ी नजर रखी गई. NCB ने इंडियन नेवी की मदद से सबसे पहला ऑपरेशन फरवरी 2022 में अंजाम दिया था.

समुद्र में एनसीबी का एक्शन
पहली बार एनसीबी की टीम समुद्र में गई थी और नेवी के साथ मिलकर पहली बार 7 सौ किलो ड्रग्स पकड़ी थी. उसके बाद के बड़े मामलों की अगर बात की जाए तो अक्टूबर 2022 में भी एनसीबी ने ड्रग्स की खेप पकड़ी थी. इस ऑपरेशन की खास बात यह थी कि इसके लिए सोर्स खुद एनसीबी ने डेवलप किए थे. अभी भी सोर्स के आधार पर ही एनसीबी आगे की कार्रवाई कर रही है.

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