
उज्जैन। स्कूल शिक्षा विभाग ने सांदीपनि स्कूलों में निजी स्कूल के बच्चों को प्रवेश देने पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है। यह भी तय हुआ है कि सांदीपनि स्कूल उन बच्चों को नौवीं कक्षा में सीधे प्रवेश दे पाएंगे जिन्होंने किसी निजी स्कूल में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आठवीं तक नि:शुल्क पढ़ाई की है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 में सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके अनुसार अब अतिरिक्त सीटों पर निजी और सरकारी दोनों स्कूलों के विद्यार्थी मेरिट या प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश ले सकेंगे। जिला स्तरीय निगरानी समिति स्थानीय आवश्यकताओं, अंग्रेजी माध्यम, दिव्यांग विद्यार्थियों (सीडब्ल्यूएसएन), विद्यालय से दूरी और प्रवेश की मांग को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय ले सकेगी। बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाओं के कारण इन विद्यालयों में प्रवेश की मांग लगातार बढ़ रही है। नई गाइडलाइन के तहत उपलब्ध सीटों पर पहले निकटवर्ती शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा लगभग 20 प्रतिशत अतिरिक्त सीटें बढ़ाई गई हैं, जिन पर मेरिट अथवा प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश मिलेगा। इस वर्ष कक्षा 6वीं से 11वीं तक प्रवेश पूर्व कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार मेरिट सूची से दिए जाएंगे। आगामी वर्षों में इन कक्षाओं के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं पहली से पांचवीं कक्षा तक प्रवेश आरटीई के प्रावधानों के अनुसार ही होंगे। जिन सांदीपनि विद्यालयों का बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर रहेगा और जहां विद्यार्थियों की संख्या अधिक होगी, वहां दो पालियों में संचालन की व्यवस्था की जा सकेगी। इसके लिए संबंधित प्राचार्य जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त को प्रस्ताव भेजेंगे। दूसरी पाली में मुख्य रूप से कक्षा छठवीं और 9वीं में प्रवेश मेरिट अथवा प्रवेश परीक्षा के आधार पर होगा। लोक शिक्षण संचालनालय संचालक प्रमोद सिंह के मुताबिक सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश के लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है। अब आरटीई के तहत निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को नौवीं कक्षा में पहली प्राथमिकता से प्रवेश दिए जाएंगे।
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