- नई बिल्डिंग से शुरू होगा संचालन, जुलाई के पहले सप्ताह तक बिछ जाएगा नया ट्रैक और प्लेटफॉर्म
इंदौर। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित किए जा रहे लक्ष्मीबाईनगर रेलवे स्टेशन पर अब सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू होने जा रहा है। स्टेशन की मौजूदा बिल्डिंग अगले कुछ दिनों में ध्वस्त कर दी जाएगी। इसके पहले रेलवे स्टेशन का पूरा ऑपरेटिंग और सिग्नल सिस्टम नई स्टेशन बिल्डिंग में शिफ्ट करेगा। इसके लिए कल से ट्रैफिक वर्किंग ऑर्डर (टीडब्ल्यूओ) के तहत विशेष कार्य शुरू किया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार 11-12 जून तक स्टेशन प्रबंधन और संचालन का काम नई बिल्डिंग से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। जैसे ही ऑपरेटिंग सिस्टम नई बिल्डिंग में शिफ्ट होगा, पुरानी बिल्डिंग को तोडऩे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। जुलाई के पहले सप्ताह तक खाली हुई जगह पर नया ट्रैक और प्लेटफॉर्म तैयार करने की योजना है। बिल्डिंग टूटते ही इस काम को शुरू कर दिया जाएगा।
55 करोड़ रुपए की परियोजना
लक्ष्मीबाईनगर स्टेशन का पुनर्विकास करीब 55 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। इसमें लगभग 45 करोड़ रुपए स्टेशन भवन और यात्री सुविधाओं पर तथा 10 करोड़ रुपए फुटओवर ब्रिज निर्माण पर खर्च किए जा रहे हैं। यह काम अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जुलाई 2023 में शुरू हुआ था।
क्यों तोड़ी जा रही है बिल्डिंग
मौजूदा स्टेशन भवन रतलाम-इंदौर गेज कन्वर्जन परियोजना के दौरान बनाया गया था, लेकिन अब स्टेशन पर अतिरिक्त रेलवे ट्रैक और नए प्लेटफॉर्म विकसित किए जा रहे हैं। इसके लिए पुरानी बिल्डिंग और प्लेटफॉर्म के हिस्से बाधा बन रहे हैं। भवन हटने के बाद यहां नई लाइन और प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे, जिससे ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम होगा।
क्या-क्या बन रहा है
– भागीरथपुरा की ओर दो नए प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं।
– स्टेशन पर दो अतिरिक्त रेलवे ट्रैक बिछाए जा रहे हैं।
– नया दो मंजिला स्टेशन भवन लगभग तैयार है।
– 36 फीट चौड़ा फुटओवर ब्रिज बनाया जा रहा है।
– यात्रियों की सुविधा के लिए तीन नई लिफ्ट लगाई गई हैं।
– प्लेटफॉर्म को हाईलेवल बनाया गया है।
– लंबे रूट की 26 कोच वाली ट्रेनों के ठहराव की व्यवस्था की जा रही है।
फैक्ट फाइल
– परियोजना लागत-55 करोड़ रुपए
– काम शुरू -जुलाई 2023
– नई बिल्डिंग से संचालन- 11-12 जून (लक्ष्य)
– पुरानी बिल्डिंग का ध्वस्तीकरण- जून मध्य
– नया ट्रैक और प्लेटफॉर्म-जुलाई के पहले सप्ताह तक
– नए प्लेटफॉर्म-2
– अतिरिक्त ट्रैक- 2
– नया फुटओवर ब्रिज- 36 फीट चौड़ा
– नई लिफ्ट-3
इंदौर स्टेशन रीडेवलपमेंट के काम को भी मिलेगी रफ्तार
लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन का काम पूरा होने के साथ ही यहां की क्षमता बढ़ेगी और इसका फायदा इंदौर के मुख्य रेलवे स्टेशन के रीडेवलपमेंट के काम को भी मिलेगा। लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन के तैयार होने पर इंदौर स्टेशन से चलने वाली प्रमुख ट्रेनों को यहां शिफ्ट किया जा सकेगा, जिससे स्टेशन पर काम करने के लिए स्थान मिलेगा और काम को जल्दी पूरा किया जा सकेगा। इसके साथ ही महू में भी प्लेटफार्म 4 की लंबाई बढ़ाई जा रही है, जिससे कुछ ट्रेनों को वहां भी शिफ्ट किया जा सकेगा।
सिंहस्थ के लिए भी मिलेगा फायदा
आगामी सिंहस्थ को देखते हुए रेलवे इंदौर-उज्जैन सेक्शन की क्षमता बढ़ा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्टेशन पर पांच प्लेटफॉर्म और अतिरिक्त ट्रैक बनने के बाद बड़ी संख्या में विशेष ट्रेनों का संचालन आसान होगा। प्रतिदिन करीब 20 हजार यात्रियों की आवाजाही संभालने की क्षमता भी विकसित की जा रही है।
इंदौर स्टेशन का दबाव होगा कम
रेलवे का मानना है कि पुनर्विकास पूरा होने के बाद लक्ष्मीबाईनगर स्टेशन इंदौर के वैकल्पिक टर्मिनल के रूप में विकसित होगा। भविष्य में कई लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन यहां से किया जा सकेगा। इससे इंदौर मुख्य रेलवे स्टेशन पर दबाव कम होगा और ट्रेन संचालन की क्षमता बढ़ेगी।