
इंदौर। आसन त्यागी (Asana abandoned) शीतलराज मसा (Sheetalraj Masa) ने तीन माह तक इंदौर (Indore) नगर में धर्मप्रभावना करने के बाद उज्जैन (Ujjain) की ओर विहार किया। उनके प्रस्थान पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और भावभीनी विदाई दी। गुरुदेव का 14 जनवरी को इंदौर प्रवेश हुआ था। अक्षय तृतीया पर वर्षीतप तपस्वियों को सान्निध्य प्रदान करने के बाद उन्होंने उज्जैन के लिए विहार किया। आगामी चातुर्मास शाजापुर में प्रस्तावित है।
शीतलराज महाराज कठोर तपस्या और अनुशासन के लिए प्रसिद्ध हैं। वे पिछले करीब 55 वर्षों से आड़ा आसन त्यागी हैं, यानी लेटकर विश्राम नहीं करते। प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक सूर्य की कठोर आतापना लेते हैं। वे एक समय ही आहार ग्रहण करते हैं, वह भी साधु मर्यादा के अनुरूप होने पर। करीब 79 वर्ष की आयु में भी वे पैदल विहार कर एक नगर से दूसरे नगर पहुंचते हैं। उनके विहार पर मध्यप्रदेश जैन स्वाध्याय संघ के महामंत्री अशोक मंडलिक, अभिषेक नाहर, प्रवीण बम, महेंद्र भंडारी, प्रकाश कोठारी, राजेश जैन, गजेंद्र तांतेड़, नीरज जैन, तरुण सांड, संजय जैन, मनोज जैन, नीरज जैन, आदिश्वर जैन, रिंकेश पोरवाल, नरेंद्र मेहता, कांतिलाल बागरेचा, नरेश भंडारी, राजू जैन, विनोद जैन आदि ने वंदना की।
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