
- सीपीसीटी और साइबर सुरक्षा कोर्स पास करना जरूरी
उज्जैन। नगर पालिक निगम, नगरपालिका और नगर परिषद में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों को लेकर सरकार ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, म.प्र. द्वारा जारी नए आदेश के तहत अब सभी कम्प्यूटर ऑपरेटरों के लिए तकनीकी दक्षता और साइबर सुरक्षा से जुड़ी कुछ अनिवार्य योग्यताएं तय कर दी गई हैं। इसके लिए उन्हें 30 दिनों की समय-सीमा दी गई है, ऐसा न करने पर उनके मानदेय या वेतन भुगतान पर रोक लग सकती है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास की अपर आयुक्त द्वारा जारी आदेश की प्रति सभी नगर पालिक निगमों के आयुक्तों, संयुक्त संचालकों और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को भेज दी गई है। विभाग का कहना है कि नगरीय निकायों की विभिन्न शाखाओं, योजनाओं और परियोजनाओं में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों द्वारा कंप्यूटर संबंधी कार्यों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विभागीय ऑनलाइन पोर्टल और आईटी (आईटी) आधारित प्रणालियों का संचालन किया जाता है। सरकारी डेटा को सुरक्षित रखने और ऑनलाइन कामकाज को सुचारू बनाने के लिए ऑपरेटरों की तकनीकी क्षमता और साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी को पुख्ता करना बेहद आवश्यक हो गया है। आदेश के अनुसार सभी कंप्यूटर ऑपरेटरों द्वारा अनिवार्य रूप से सीपीसीटी परीक्षा पास की गई हो। ऑपरेटरों को भारत सरकार के ‘मिशन कर्मयोगीÓ पोर्टल पर उपलब्ध साइबर सिक्योरिटी और आईटी से संबंधित कम से कम 10 सर्टिफिकेट कोर्स पूरे करने होंगे। इस पोर्टल के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रमों को पूरा करके कंप्यूटर ऑपरेटरों को कम से कम 50 क्रेडिट पॉइंट हासिल करने होंगे।
वेतन और नौकरी पर आ सकता है संकट
शासन ने निर्देश दिया है कि जो कंप्यूटर ऑपरेटर आगामी 30 दिनों के भीतर इन अनिवार्य योग्यताओं और प्रशिक्षण को पूरा नहीं करेंगे, उन्हें आगे नियोजन में रखने या हटाने और उनके नियमानुसार मानदेय/वेतन भुगतान की कार्रवाई इसी आधार पर तय की जाएगी। यानी शर्तें पूरी न करने वालों की सैलरी अटक सकती है।