
चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव (Tamil Nadu Assembly Elections) के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। अभिनेता से राजनेता बने विजय थालापति (Vijay Thalapathy) आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। हालांकि उनकी पार्टी टीवीके (TVK) चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन उसे अपने दम पर बहुमत नहीं मिला था। ऐसे में सरकार गठन को लेकर कई दिनों तक राजनीतिक हलचल जारी रही। अब डीएमके ने दावा किया है कि टीवीके को बहुमत तक पहुंचाने में पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन की भी अहम भूमिका रही।
टीवीके सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से दूर
4 मई को घोषित चुनाव नतीजों में टीवीके ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया था। इसके बाद एआईएडीएमके और डीएमके का स्थान रहा। लेकिन 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत का आंकड़ा टीवीके से दूर था। नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक असमंजस की स्थिति बन गई थी और सवाल उठने लगे थे कि आखिर मुख्यमंत्री कौन बनेगा।
डीएमके का दावा- स्टालिन ने दिलाया समर्थन
डीएमके नेता ए. सरवनन ने दावा किया कि एमके स्टालिन ने अपने सहयोगी दलों को टीवीके का समर्थन करने के लिए राजी किया। उनके मुताबिक, स्टालिन राज्य में संवैधानिक संकट नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने व्यापक चर्चा के बाद यह फैसला लिया। सरवनन ने कहा कि विजय थालापति को मुख्यमंत्री बनाने में डीएमके के सहयोगी दलों की अहम भूमिका रही और यह सब स्टालिन की पहल पर संभव हुआ।
कांग्रेस ने सबसे पहले बढ़ाया समर्थन
सरकार गठन की कवायद के दौरान सबसे पहले कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया। डीएमके ने इस पर कांग्रेस पर निशाना भी साधा और कहा कि उसने इंडिया गठबंधन से अलग रुख अपनाया। डीएमके नेताओं का कहना है कि तमिलनाडु में कांग्रेस को मिली सीटों के पीछे डीएमके और उसके कार्यकर्ताओं की मेहनत थी, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस ने टीवीके का समर्थन कर दिया।
लेफ्ट पार्टियों और वीसीके का भी साथ
कांग्रेस के समर्थन के बाद भी टीवीके बहुमत के आंकड़े से पीछे थी। बाद में वाम दलों और वीसीके ने भी विजय थालापति की पार्टी का समर्थन किया। इसके बाद टीवीके को 120 विधायकों का समर्थन मिल गया और सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया।
आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे विजय
समर्थन जुटाने के बाद अब विजय थालापति मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। राजनीतिक जानकार इसे तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देख रहे हैं, जहां फिल्मी दुनिया से आए एक नए चेहरे ने सत्ता तक पहुंचने में सफलता हासिल की है।
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