तेहरान। ईरान (Iran) के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) के स्वास्थ्य को लेकर सामने आ रही रिपोर्टों ने देश की राजनीति में उत्तराधिकार को लेकर चर्चा तेज कर दी है। कुछ रिपोर्टों में उनके गंभीर रूप से बीमार होने की बात कही गई है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और ईरानी अधिकारियों ने भी उनके गंभीर रूप से बीमार होने की पुष्टि नहीं की है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर मोजतबा खामेनेई का निधन होता है, तो ईरान का अगला सर्वोच्च नेता कौन होगा और उसे चुनने की प्रक्रिया क्या होगी?
ईरान में सर्वोच्च नेता का पद वंशानुगत नहीं है। यानी मोजतबा खामेनेई की मृत्यु होने की स्थिति में उनके परिवार का कोई सदस्य अपने आप इस पद पर नहीं बैठ सकता।
ईरानी संविधान के अनुच्छेद 107 के मुताबिक, अगले सर्वोच्च नेता का चयन विशेषज्ञों की सभा (Assembly of Experts) करती है। यही संस्था उस व्यक्ति को सर्वोच्च नेता चुनती है, जिसे इस पद के लिए उपयुक्त और योग्य माना जाता है।
खास बात यह है कि सर्वोच्च नेता के चयन के लिए ईरान में आम जनता का प्रत्यक्ष मतदान नहीं होता।
संविधान का अनुच्छेद 109 सर्वोच्च नेता बनने के लिए कई योग्यताएं निर्धारित करता है। उम्मीदवार के पास इस्लामी कानून और धार्मिक ज्ञान के साथ-साथ न्यायप्रियता और धर्मनिष्ठा होनी चाहिए।
इसके अलावा उम्मीदवार में राजनीतिक समझ, विवेक, साहस, प्रशासनिक क्षमता और नेतृत्व करने की योग्यता भी आवश्यक है।
इसका मतलब साफ है कि केवल खामेनेई परिवार से संबंध होना किसी व्यक्ति को सर्वोच्च नेता बनने का अधिकार नहीं देता।
संवैधानिक रूप से ऐसा पूरी तरह असंभव नहीं है। खामेनेई परिवार का कोई सदस्य सर्वोच्च नेता बन सकता है, लेकिन इसके लिए उसे अन्य उम्मीदवारों की तरह संवैधानिक योग्यताओं पर खरा उतरना होगा और विशेषज्ञों की सभा को उसका चयन करना होगा।
इसलिए इसे सीधे तौर पर पिता से बेटे को सत्ता हस्तांतरण वाली व्यवस्था नहीं माना जा सकता।
ईरान में सर्वोच्च नेता देश की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक शक्ति हैं। उनके पास सशस्त्र बलों और राष्ट्रीय नीतियों पर व्यापक अधिकार हैं। वरिष्ठ सैन्य, न्यायिक और धार्मिक पदों पर नियुक्तियों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
ऐसे में अचानक सर्वोच्च नेता का पद खाली होने पर सत्ता के कई प्रमुख केंद्र सक्रिय हो सकते हैं। विशेषज्ञों की सभा के साथ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), राष्ट्रपति कार्यालय, न्यायपालिका और धार्मिक प्रतिष्ठान उत्तराधिकार को लेकर होने वाली बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चल रही खबरें फिलहाल अपुष्ट हैं। ईरानवायर ने राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के प्रशासन के करीबी सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि यदि खामेनेई की जल्द मृत्यु होती है तो अधिकारियों को इससे आश्चर्य नहीं होगा। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल सार्वजनिक रूप से उनकी लंबी अनुपस्थिति और स्वास्थ्य को लेकर जारी अटकलों ने ईरान में संभावित उत्तराधिकार की बहस जरूर तेज कर दी है।
यदि वास्तव में सर्वोच्च नेता का पद खाली होता है, तो अंतिम फैसला संविधान में निर्धारित प्रक्रिया के तहत विशेषज्ञों की सभा को ही करना होगा। यानी मोजतबा खामेनेई की मृत्यु की स्थिति में ईरान की सत्ता सीधे उनके परिवार को हस्तांतरित नहीं होगी, बल्कि नए सर्वोच्च नेता का चयन एक संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा।
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