इंदौर

100 करोड़ से इन्दौर का बिगड़ा यातायात सुधारेंगे, 400 नई बसें भी खरीदेंगे

 


तीन दिनी समीक्षा के बाद प्रशासक ने निगम बजट को दी हरी झंडी… स्वच्छता के साथ स्वास्थ्य पर भी जोर… 30 सितम्बर तक अग्रिम कर में मिलेगी छूट
इंदौर। तीन दिन तक चली बजट (Budget) समीक्षा के बाद कल शाम निगम प्रशासक व संभागायुक्त ने मंजूरी दी और उसके बाद मीडिया को भी बजट (Budget) के महत्वपूर्ण प्रावधानों से अवगत कराया गया। निगमायुक्त प्रतिभा पाल (Pratibha Pal) ने 5162 करोड़ का बजट प्रशासक डॉ. पवन कुमार शर्मा (Dr. Pawan Kumar Sharma)  के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें 82 करोड़ रुपए घाटे का अनुमान लगाया गया है। इस बार स्वच्छता के साथ कोरोना के मद्देनजर स्वास्थ्य को भी विशेष तवज्जो दी गई है। हर साल अग्रिम कर जमा करने वालों को 30 जून तक छूट मिलती है, लेकिन इस बार चूंकि लॉकडाउन लगा था। लिहाजा छूट की समय सीमा 30 सितम्बर तक कर दी है और बिना किसी अधिभार सहित विवरणी सहित सम्पत्ति कर जमा करने की तिथि 31 दिसम्बर तय की गई है। शहर के बिकड़े यातायात (Traffic deteriorated) को सुधारने के लिए 100 करोड़ की राशि का प्रावधान बजट में किया है, तो 400 नई बसें खरीदी जाएंगी। वहीं 50 करोड़ रुपए की राशि कोरोना प्रबंधन के लिए प्रावधानित की गई है।
अभी तो नगर निगम (municipal Corporation) में चुनी हुई परिषद् नहीं है। लिहाजा शोर-शराबे और हो-हल्ले के बिना निगम का बजट (Budget)  कल प्रशासक ने मंजूर किया। हालांकि तीन दिन तक उनके द्वारा भी विभाग और मदवार समीक्षा की गई। शाम को मीडिया के समक्ष निगम बजट की जानकारी संभागायुक्त व प्रशासक डॉ. पवन कुमार शर्मा और निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने रखी। निगमायुक्त ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई व्यवस्था के उपकरण और संसाधन बढ़ाने हेतु 104 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, तो ट्रेंचिंग ग्राउंड पर सीएनडी वेस्ट प्लांट भी 500 मैट्रिक टन क्षमता का शुरू किया जाएगा। 5 और वार्डों को जीरो वेस्ट वार्ड भी घोषित करेंगे। गत वर्ष कोरोना की रोकथाम के लिए 25 करोड़ का बजट रखा था। इस बार उसे बढ़ाकर 50 करोड़ रुपए किया गया है। घरों से जो कचरा उठाया जा रहा है, उसमें होम आइसोलेशन के मरीजों के चलते बायो मेडिकल वेस्ट भी प्राप्त हो रहा है, जिसके लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया। अभी नगर निगम शहर का सैनिटाइजेशन और फॉगिंग भी लगातार करवा रहा है। वहीं छप्पन दुकान, रेलवे स्टेशन व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सैनिटाइजेशन मशीनें लगेगी। इसी तरह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और लाइन संधारण के लिए 460 करोड़ की राशि का प्रावधान किया है। दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लक्ष्मी मेमोरियल हॉस्पिटल के पास पुल और शकरखेड़ी नाले के पास बनाए जा रहे हैं। 100 किमी की नई सीवर लाइन भी डाल दी गई है और नई मशीनें खरीदने के लिए 50 करोड़ रखे हैं। सडक़ों के संधारण पर 308 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी, जिसमें मास्टर प्लान की 4 प्रमुख सडक़ें एमआर-3, 5, 9 और आरई-2 प्रस्तावित है। इसके अलावा शहर की अन्य प्रमुख सडक़ें फुटपाथ, फीडर रोड, लिंक रोड का भी निर्माण किया जाएगा और पुलों के निर्माण, संधारण के लिए भी 47 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। यातायात प्रबंधन प 100 करोड़ खर्च करेंगे, जिसमें प्रमुख चौराहों का विकास-सौंदर्यीकरण, ग्रेटर कैलाश रोड पर मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण के अलावा विभिन्न लेफ्ट टर्नको विकसित किया जाएगा। खुली जगहों को चिन्हित कर पार्किंग स्थल विकसित होंगे और व्यवसायिक संस्थानों में भी पार्किंग एरिया का बेहतर रख-रखाव कराया जाएगा। 400 नई बसों की खरीदी भी होगी और विजय नगर बस स्टैंड और बीआरटीएस डिपो का निर्माण भी प्रस्तावित है।

चिडिय़ा घर में बनेगा अंडर वॉटर एक्वेरियम
नगर निगम कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय ( Kamla Nehru Zoological Museum) यानी चिडिय़ा घर के रख-रखाव, विकास के लिए 14 करोड़ की राशि खर्चकरेगा। निगमायुक्त प्रतिभा पाल के मुताबिक पीपीपी मॉडल पर एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का अंडर वॉटर एक्वेरियम का निर्माण भी इस वित्त वर्ष में कराया जाना है। इस पर 5 करोड़ रुपए की टोकन राशि बजट में रखी गई है। वहीं इस बार खेल प्रकोष्ठ का भी प्रावधान किया है, जिसमें 20 करोड़ का बजट रखा है। हर विधानसभा क्षेत्र में 1-1 खेल मैदान का विकास, जिसमें बाउण्ड्रीवाल, जिम, वॉकिंग ट्रैक और अन्य खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। वहीं पीपीपी मॉड में भी कुछ चिन्हित खेल मैदानों को विकसित करवाएंगे। शहर में प्रकाश व्यवस्था के लिए भी 104 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है।
जलूद में 100 मेगावाट का सोलर प्लांट भी लगेगा
नगर निगम को सबसे अधिक राशि जलूद स्थित नर्मदा (Narmada)  प्रोजेक्ट पर खर्च करना पड़ती है। बिजली खपत को कम करने के लिए जलूद में जल शोधन प्लांट के पास 100 मेगावाट का प्लाटं भी विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के लिए 100 करोड़ की राशि का प्रावधान निगम बजट में किया गया है। इसी तरह 20 हजार पुरानी लाइटों को एलईडी लाइट में परिवर्तित करने के अलावा कई उद्यानों में भी सोलर लाइट का प्रावधान किया जाएगा।
100 फीसदी घरों में नर्मदा का पानी पहुंचाने का दावा
हर घर में नल – हर घर में जल इस स्लोगन के साथ निगम ने जलप्रदाय के लिए निगम ने 550 करोड़ की राशि का प्रावधान किया है। निगम का दावा है कि 100 फीसदी घरों तक नर्मदा का पानी पहुंचा दिया जाएगा। इसके चलते विभिन्न क्षेत्रों में पानी की टंकियों का निर्माण किया जा रहा है। जल पुनर्भरण के लिए 20 करोड़ का प्रावधान है। वहीं तालाबों का जीर्णोद्धार होना है, जिसके लिए 48 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
प्राधिकरण की योजनाएं निगम को होंगी हस्तांतरित
संभागायुक्त व प्रशासक डॉ. प्रवन कुमार शर्मा ने बजट के प्रमुख बिन्दुओं के साथ यह भई कहा कि अब इंदौर विकास प्राधिकरण के बजट की भी तैयारी शुरू की जा रही है। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते निगम की तरह प्राधिकरण के बजट में भी विलंब हो गया। चूंकि प्राधिकरण के अध्यक्ष भी संभागायुक्त ही हैं। लिहाजा जल्द ही प्राधिकरण बजट को मंजूरी दी जाएगी। वहीं कल के निगम बजट में प्राधिकरण की उन योजनाओं पर भी चर्चा हुई, जिन्हें नगर निगम को हस्तांतरित किया जाना है। निगमायुक्त श्रीमती प्रतिभा पाल के मुताबिक पूर्व में भी नगर निगम प्राधिकरण द्वारा विकसित योजनाओं को लेता रहा है। अभी जो योजनाएं हस्तांतरित होना है उनकी भी तैयारी की जा चुकी है।

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