
नई दिल्ली। स्मार्टफोन इंडस्ट्री(smartphone industry) तेजी से एक नए दौर में प्रवेश कर रही है जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artificial intelligence)केवल एक अतिरिक्त फीचर नहीं बल्कि पूरे मोबाइल अनुभव का आधार बनने जा रहा है। नई रिसर्च के मुताबिक आने वाले समय में स्मार्टफोन(smartphones) केवल आदेश मानने तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि यूजर की जरूरतों को समझकर खुद फैसले लेने और कई काम अपने आप करने में सक्षम होंगे। यही वजह है कि जेनरेटिव एआई यानी GenAI अब मोबाइल उद्योग की सबसे बड़ी तकनीकी दिशा बनता जा रहा है।
मार्केट रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2027 तक दुनिया भर में बिकने वाले 52 प्रतिशत स्मार्टफोन GenAI फीचर्स से लैस होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में यह हिस्सेदारी 36 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2026 में बढ़कर 45 प्रतिशत और 2027 में 52 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। इससे साफ है कि आने वाले समय में एआई प्रीमियम स्मार्टफोन तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह लगभग हर श्रेणी के मोबाइल का अहम हिस्सा बन जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार प्रमुख स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां अब सामान्य एआई टूल्स से आगे बढ़कर एजेंटिक एआई तकनीक पर काम कर रही हैं। यह तकनीक यूजर के व्यवहार और जरूरतों को समझकर स्वतः कार्य करने में सक्षम होगी। दूसरी ओर एप्पल भी अपनी अगली आईफोन सीरीज में कई नए GenAI फीचर्स पेश करने की तैयारी कर रहा है जिससे स्मार्टफोन का उपयोग पहले से अधिक आसान और स्मार्ट हो जाएगा।
हालांकि एआई तकनीक के विस्तार के बीच पूरी स्मार्टफोन इंडस्ट्री के सामने एक बड़ी चुनौती भी खड़ी है। काउंटरपॉइंट रिसर्च का अनुमान है कि वर्ष 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट में लगभग 13.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हो सकती है। इसके बाद कुल बिक्री घटकर करीब 1.08 बिलियन यूनिट रह जाने की संभावना है जो पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बढ़ती उत्पादन लागत और मेमोरी कंपोनेंट्स की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियां हैं। इसका सबसे अधिक असर बजट और एंट्री लेवल स्मार्टफोन पर पड़ सकता है। कई कम कीमत वाले मॉडल बाजार से बाहर भी हो सकते हैं क्योंकि उनमें महंगे GenAI फीचर्स शामिल करना कंपनियों के लिए आसान नहीं होगा।
दूसरी ओर प्रीमियम स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को इस बदलाव से फायदा मिलने की संभावना है। हाई एंड सेगमेंट में पहले से मजबूत मौजूदगी रखने वाली कंपनियां नई एआई तकनीकों को तेजी से अपनाकर ग्राहकों को अधिक उन्नत अनुभव देने की तैयारी कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे जैसे मेमोरी सप्लाई की स्थिति सुधरेगी और उत्पादन लागत कम होगी वैसे वैसे GenAI फीचर्स आम स्मार्टफोन तक भी पहुंचने लगेंगे।
तकनीकी जानकारों का मानना है कि आने वाले वर्षों में स्मार्टफोन केवल कॉलिंग और इंटरनेट चलाने का साधन नहीं रहेंगे बल्कि व्यक्तिगत डिजिटल सहायक के रूप में काम करेंगे। यही बदलाव मोबाइल तकनीक के अगले बड़े दौर की शुरुआत माना जा रहा है जहां एआई हर यूजर के अनुभव को पहले से कहीं अधिक स्मार्ट तेज और व्यक्तिगत बना देगा।
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