इंदौर

इंदौर में हर दिन बिकते थे 4 हजार प्लेटफार्म टिकट, अब औसत 250 भी नहीं

 


50 रुपए तक महंगा कर दिया प्लेटफार्म टिकट, आम लोगों की पहुंच से दूर
इन्दौर। चारों ओर बढ़ती महंगाई का असर अब रेलवे स्टेशन (Railway stations) पर अपने परिजनों को छोडऩे और लेनेे आने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। इंदौर (Indore) में एक दिन में औसतन 4 हजार प्लेटफार्म टिकट ( platform tickets) बिक जाते थे, लेकिन अब इनकी संख्या औसत ढाई सौ टिकट तक सीमित हो गई है।

इंदौर सहित आसपास के बड़े रेलवे स्टेशनों पर रेलवे प्रशासन (railway administration) ने 26 मार्च से प्लेटफार्म टिकट की कीमत बढ़ाकर 50 रुपए कर दी थी। रेलवे अधिकारियों ने इस पर सफाई दी कि कोरोना काल ( corona era) में ज्यादा लोग प्लेटफार्म तक यात्रियों को नहीं छोडऩे आए, इसके लिए यह व्यवस्था की गई है। इसके पहले रेलवे ने जनरल कोच का रिकाया बढ़ाकर न्यूनतम 30रुपए कर दिया था। चारों ओर से बढ़ती महंगाई का असर यह हुआ कि सामान्य या स्लीपर कोच के यात्रियों को लोग अब बाहर से ही छोडक़र जाने लगे हैं। हालांकि इससे रेलवे की आय भी घटने लगी है। पहले जब प्लेटफार्म टिकट 10 रुपए का होता था, तब एक दिन में औसतन 4 हजार टिकट इंदौर रेवे स्टेशन पर बिक जाते थे, लेकिन अब इनकी संख्या काफी कम हो गई है। जिस दिन से टिकट महंगे हुए हैं, उस दिन मात्र 161 टिकट बिके थे और उसके बाद दूसरे दिन 27 मार्च को 360 टिकट बिके। इसी तरह 28 मार्च को 166, 29 मार्च को 215, और कल शाम तक मात्र 137 टिकट ही बिक पाए थे। रेलवे प्रशासन का कहना है कि अभी जब तक कोरोना पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक यह व्यवस्था चलती रहेगी। बढ़ती कीमतों के कारण यात्रियों (passengers) का यह रुख नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि आम आदमी को इससे कब निजात मिलेगी।

Next Post

क्यों मनाया जाता है गुड फ्राइडे, जानें ईसाई धर्म में क्या है इसका महत्व

Wed Mar 31 , 2021
गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे (Holy Friday), ब्लैक फ्राइडे या ग्रेट फ्राइडे भी कहते हैं। यह त्योहार ईसाई धर्म के लोगों द्वारा कैलवरी में ईसा मसीह को शूली पर चढ़ाने के कारण हुई मृत्यु के उपलक्ष्य में मनाया है। यह त्योहार पवित्र सप्ताह के दौरान मनाया जाता है, जो ईस्टर सन्डे से पहले पड़ने वाले […]