
भोपाल। राजधानी पुलिस महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तमाम दावे करती है। महिला जागरुक्ता को लेकर समय-समय पर आयोजन किए जाते हैं। बलात्कार और छेडख़ानी की वारदातों में कड़ी विवेचना कर अपराधियों को सख्त सजा भी दिलाई जा रही है। इसके बाद भी शहर में मनचलों की हरकतों में कमी नहीं दर्ज की जा सकी है। हर रोज एक महिला छेडख़ानी का शिकार बन रही है। जबकि हर दूसरे दिन एक महिला अपनी अस्मत को गंवा रही है। यह हम नहीं बल्की भोपाल पुलिस के रिकार्ड में दर्ज आंकड़े बताते हैं। इधर, पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बाद भी संपत्ति संबंधी अपराधों में अंकुश नहीं लग सका है।
खूब हो रहीं किडनेपिंग
जनवरी 2021 में अपहरण के कुल 39 मामले सामने आए थे जबकि जनवरी 2022 में यह आंकड़ा 54 तक पहुंच गया। इसी प्रकार बीते साल जनवरी में हत्या की तीन व हत्या का प्रयास की सात घटनाएं हुई थीं। जनवरी 2022 में भी हत्या के कुल तीन मामले सामने आए थे लेकिन हत्या का प्रयास के मामलों में यह आंकड़ा 16 पर जा पहुंचा।
पुलिस की सख्ती से घटी लूट की घटनाएं
शहर के तमा चौक चौराहों पर इन दिनों पुलिस पाइंट लगाकर चेकिंग कर रही है। तमाम मुख्य मार्गों से लेकर गली कूचों तक पुलिस जवान नजर आते हैं। जिसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। पिछले साल की दुलना में इस साल लूट की वारदातों में कमी दर्ज की गई है। जनवरी 2022 में लूट के कुल तीन घटनाएं हुई थीं जबकि जनवरी 2021 में लूट के कुल 8 मामले सामने आए थे।
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