इंदौर (Indore)। मध्य प्रदेश (MP) के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय हॉस्पिटल (MY Hospital) में एक ऐसा केस आया जिसे देखकर डॉक्टर हैरान रह गए। मरीज के पेशाब की थैली में सेफ्टी पिन फंस (Safety pin stuck in urine bag) गई थी। इसे देखकर डॉक्टर भी सोच में पड़ गए कि सेफ्टी पिन पेशाब की थैली में कैसे पहुंची।
मरीज लगातार पेट दर्द की शिकायत कर रहा था। मरीज एक मानसिक रूप से कमजोर था। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन वहां डॉक्टरों को जब मर्ज समझ नहीं आया तो उन्होंने मरीज को सरकारी अस्पताल एमवाईएच में रेफर कर दिया। सेफ्टी पिन को दूरबीन पद्धति से सफलतापूर्वक निकाला गया।
अस्पताल एमवाईएच के डॉक्टरों ने जांच में पाया कि मरीज के पेशाब की थैली में एक सेफ्टीपिन फंसी हुई थी। सबसे बड़ी समस्या यह थी कि पिन का एक सिरा नीचे था। उसे जल्द नहीं निकाला जाता तो पिन किसी नस में घुस सकती थी। मरीज को कोई बड़ी परेशानी हो सकती थी, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों की टीम की ओर से एक सफल ओपरेशन कर उस सेफ्टी पिन को सुरक्षित निकाल लिया गया। अब मरीज को इंदौर के एम.वाई.एच. अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
पेशाब की थैली में फंसी सेफ्टी पिन निकालते समय डॉक्टरों को यह सावधनी रखनी थी कि पिन का नुकीला हिसा किसी नस में ना घुस जाए। अब मरीज की स्थिति सामान्य है। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज को रविवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। अक्टूबर 2020 में इंदौर के इसी अस्पताल के डॉक्टरो एक बच्चे के चार हाथ, चार पैर और एक सिर थे। डॉक्टरों ने तीन घंटे तक जटिल ऑपरेशन को अंजाम देकर चार दिन के इस बच्चे के शरीर से काम नहीं करने वाले अतिरिक्त अंगों को अलग किया था। बच्चे को सफलतापूर्वक सर्जरी कर बचाया जा सका था।
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