
इंदौर। बारिश के पहले प्रशासन अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए सतर्क हो गया है। शहर में हो रहे अवैध निर्माणों के साथ साथ कान्ह और सरस्वती नदी के 30 मीटर के दायरे में निवासरत लोगों को विस्थापित किया जा रहा है। इसी कड़ी में कबूतरखाने के रहवासियों को प्रशासन जल्द से जल्द क्षेत्र खाली करने के लिए नोटिस थमाएगा।
शहर में अवैध रूप से चलाए जा रहे होस्टल, रास्तों पर अतिक्रमण के आवेदनों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रशासन ने सीएम हेल्पलाइन और सीधे एसडीएम तक पहुंच रही शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। शासन के निर्देशानुसार कान्ह और सरस्वती नदी के तीस मीटर के दायरे में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विस्थापितों को नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए भवनों में शिफ्ट किया जाएगा। ज्ञात हो कि शहर में अतिक्रमण के कारण जलभराव की समस्या भी सामने आती है। इस पर लगाने के लिए कठोर कार्रवाई शुरू हो गई है। कबूतरखाना क्षेत्र की नदी के मुहाने पर रह रहे रहवासियों को प्रशासन ने नोटिस भेजा है। अब इनको हटाने की कार्रवाई की जाएगी। ज्ञात हो कि एनजीटी के तहत कान्ह और सरस्वती नदी को अतिक्रमण मुक्त कर एक बार फिर स्वच्छ करने के निर्देश दिए गए हैं।
होस्टलों पर चल रहा डंडा
भंवरकुआ स्थित सर्वानंद नगर क्षेत्र में अवैध रूप से निर्मित होस्टल को तोडऩे की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने आठ और इसी तरह के निर्माण चिन्हांकित किए हैं, जिन्हें भी नोटिस थमाकर तोडऩे की कार्रवाई की जाना है। कलेक्टर आशीष सिंह के अनुसार भंवरकुआं क्षेत्र के कई प्लाट पर अतिक्रमण कर रास्ता रोकने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत डंडा चलाते हुए अतिक्रमण मुक्त कराया है। भंवरकुआं, नवलखा, मूसाखेड़ी क्षेत्र में प्रशासन एक साथ तीन कार्रवाइयां कर रहा है। यहां फायर सेफ्टी, अतिक्रमण के मानकों पर भी जांच चल रही है।

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