
इंदौर. शहर से लगभग 200 किलोमीटर दूर से रालामण्डल (Ralamandal) की टीम ने 2 शावक (cubs) तेंदुओं (leopard) का रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue operation) किया है। इसके पहले 23 सितम्बर को भी रेस्क्यू टीम ने इन शावक तेंदुओं की मां का रेस्क्यू ऑपरेशन किया था।
रालामण्डल टीम के एसडीओ योहान कटारा और बड़वानी डीएफओ ने बताया कि इन्दौर से लगभग 200 किलोमीटर दूर बड़वानी जिले की राजपुर तहसील के लिम्बई गांव में मादा तेंदुए ने हमला कर 2 बच्चों को शिकार बना लिया था। गांव वालों ने बताया था कि 2 बच्चों को खाने वाली मादा तेंदुआ के साथ उसके 2 बच्चे भी देखे गए हैं। इसके बाद इंदौर वन विभाग की रालामण्डल सहित अन्य जिलों की रेस्क्यू टीम के साथ लगातार कई दिनों तक सघन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। आखिरकार 23 सितम्बर को मादा तेंदुए को पकडक़र भोपाल वन बिहार में भेज दिया था, मगर उसके 2 बच्चे मतलब शावक तेंदुए पकड़ में नहीं आए थे, इसलिए फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। आखिरकार दो दिन पूर्व रात 4 बजे 2 शावकों को रेस्क्यू कर उन्हें उनकी मां के पास भोपाल वन विहार में भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार उन दोनों शावक तेंदुए की उम्र लगभग 5 माह है। मादा तेंदुए और उसके दोनों शावकों के पकड़े जाने के बाद वन अधिकारियों व रेस्क्यू टीम सहित आसपास के गांव वालों को दहशत, ख़ौफ़ और अनहोनी के खतरे से राहत मिली है।