
नई दिल्ली :ईरान इजरायल (Iran, Israel)और अमेरिका (the United States)के बीच बढ़ते सैन्य (Military) तनाव का असर अब वैश्विक (Global) ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। हाल के दिनों में दुनिया भर में रसोई गैस यानी एलपीजी (LPG) की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कई देशों में कीमतों में बढ़ोतरी (Increase) दर्ज की गई है जबकि कुछ देशों में मामूली गिरावट भी देखी गई है। हालांकि भारत के लिए फिलहाल राहत की बात यह है कि यहां एलपीजी की कीमतों में अभी तक कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है और दरें स्थिर बनी हुई हैं।
वैश्विक ईंधन कीमतों पर नजर रखने वाली वेबसाइट globalpetrolprices.com के ताजा आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2026 और 2 मार्च 2026 के बीच एलपीजी की कीमतों में कई देशों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक 2 मार्च 2026 तक दुनिया भर में एलपीजी की औसत कीमत करीब 71.96 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। हालांकि अलग अलग देशों में कीमतों का स्तर काफी अलग है।
ऊर्जा बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि आम तौर पर अमीर देशों में एलपीजी की कीमतें ज्यादा होती हैं जबकि प्राकृतिक गैस का उत्पादन और निर्यात करने वाले देशों या अपेक्षाकृत गरीब देशों में कीमतें कम देखने को मिलती हैं। इसका एक बड़ा कारण अलग अलग देशों की टैक्स नीति और सब्सिडी व्यवस्था भी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस और एलपीजी की मूल कीमत लगभग समान आधार पर तय होती है लेकिन अलग अलग देशों में सरकारें अलग अलग टैक्स और सब्सिडी लागू करती हैं जिससे खुदरा कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार अल्जीरिया अंगोला सऊदी अरब अजरबैजान ऑस्ट्रेलिया और होंडुरास जैसे कई देशों में एलपीजी की कीमतों में पहले के मुकाबले बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं दूसरी ओर रूस बेलारूस पेरू और जॉर्जिया जैसे कुछ देशों में कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली है। यह उतार चढ़ाव मुख्य रूप से वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और मध्य पूर्व में चल रहे भू राजनीतिक तनाव से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
भारत की बात करें तो इस अवधि के दौरान एलपीजी की कीमत करीब 59.9 रुपये प्रति लीटर के आसपास स्थिर बनी हुई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह एक राहत भरी स्थिति मानी जा रही है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता के बावजूद फिलहाल घरेलू बाजार में कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
इंडियन ऑयल के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में लगभग 853 रुपये है। वहीं पटना में यह सिलेंडर करीब 951 रुपये में मिल रहा है। मुंबई में इसकी कीमत करीब 852.50 रुपये जबकि लखनऊ में करीब 890.50 रुपये है। पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में कीमत थोड़ी ज्यादा है। उदाहरण के तौर पर कारगिल में यह सिलेंडर लगभग 985.5 रुपये और पुलवामा में करीब 969 रुपये में उपलब्ध है। उत्तराखंड के बागेश्वर में इसकी कीमत करीब 890.5 रुपये बताई जा रही है।
वहीं व्यावसायिक उपयोग के लिए इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी शहरों के हिसाब से अलग अलग है। दिल्ली में यह सिलेंडर करीब 1768.50 रुपये में मिल रहा है। कोलकाता में इसकी कीमत लगभग 1875.50 रुपये है जबकि मुंबई में यह करीब 1720 रुपये में उपलब्ध है। चेन्नई में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत लगभग 1929 रुपये बताई जा रही है।
ऊर्जा बाजार से जुड़ी संस्थाओं का कहना है कि आने वाले समय में स्थिति और बदल सकती है। जीरो कार्बन एनालिटिक्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार अगर अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लंबे समय तक जारी रहता है और ईरान हॉर्मुज जलमार्ग को अवरुद्ध रखता है तो इसका सबसे बड़ा असर एशियाई देशों पर पड़ सकता है। हॉर्मुज जलमार्ग दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है और यहां किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आती है तो कच्चे तेल और गैस दोनों की कीमतों में तेज उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में आने वाले महीनों में एलपीजी की वैश्विक कीमतों में भी बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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