
इंदौर। अभी तीन दिनों से एलिवेटेड कॉरिडोर पर दिल्ली से आई कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी की टीम निरीक्षण में जुटी है। कल गांधी नगर से लेकर रेडिसन चौराहा तक 80 किलोमीटर की रफ्तार से मेट्रो ट्रेन को दौड़ाया गया और सिग्रल, ब्रेक, स्पीड से लेकर अन्य तकनीकी परीक्षण किए गए, जो आज भी शाम तक जारी रहेंगे। इसके पश्चात उम्मीद है कि इसी माह के अंत तक सीएमआरएस की अनुमति व्यवसायिक संचालन के लिए मेट्रो कॉर्पोरेशन को प्राप्त हो जाएगी।
गत वर्ष धूमधाम से गांधी नगर से लेकर टीसीएस चौराहा सुपर कॉरिडोर तक के लगभग 6 किलोमीटर के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो का व्यवसायिक संचालन शुरू किया और कई दिनों तक इंदौरियों को मुफ्त मेट्रो का सफर भी करवाया। उस दौरान तो यात्रियों की संख्या ठीकठाक रही, मगर उसके बाद सन्नाटा पसर गया और अभी निरीक्षण के चलते भी इस 6 किलोमीटर के हिस्से में व्यवसायिक संचालन बंद कर रखा है। बीते तीन दिनों से सीएमआरएस की टीम पूरे 11 किलोमीटर के हिस्से का बारीकी से अवलोकन कर रही है, ताकि सुरक्षा को लेकर किसी तरह की कोई चूक ना रह जाए।
रेलवे सेफ्टी को लेकर जितने भी मापदण्ड बनाए गए हैं उनका शत-प्रतिशत पालन इंदौर मेट्रो में भी करवाया जा रहा है। आज और यह निरीक्षण जारी रहेगा। इसके पश्चात एनओसी मिलेगी, तब मेट्रो कॉर्पोरेशन इस हिस्से में भी व्यवसायिक संचालन शुरू कर सकेगा, जिसके बाद कुल 17 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर पर गांधी नगर से लेकर रेडिसन चौराहा तक मेट्रो ट्रेन दौडऩे लगेगी। हालांकि इस ट्रैक पर भी यात्रियों का टोटा रहेगा, क्योंकि जब तक एयरपोर्ट से कनेक्टीविटी नहीं रहेगी, तब तक यात्रियों की संख्या नहीं बढ़ेगी। दूसरी तरफ अंडरग्राउंड रुट का काम भी एयरपोर्ट की तरफ से शुरू किया गया है और 3 से 4 स्थानों पर मेट्रो स्टेशनों के लिए भी बेरिकेट्स लगाकर निर्माण कार्य शुरू किया गया है।
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