नई दिल्ली। केरल के मौजूदा विधायकों को लेकर एक रिपोर्ट ने कई अहम तथ्य उजागर किए हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और केरल इलेक्शन वॉच के विश्लेषण (Analysis by Election Watch) के मुताबिक, राज्य में बड़ी संख्या में विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि आर्थिक रूप से भी अधिकांश विधायक मजबूत स्थिति में हैं।
रिपोर्ट के अनुसार:
2 विधायकों पर IPC की धारा 302 (हत्या) से जुड़े मामले हैं
3 विधायक धारा 307 (हत्या का प्रयास) के आरोपी हैं
3 विधायकों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं, जिनमें एक बलात्कार का केस भी शामिल है
सभी दलों में दागी विधायक
रिपोर्ट बताती है कि यह स्थिति किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं है, बल्कि लगभग सभी प्रमुख दलों में ऐसे विधायक मौजूद हैं।
माकपा (CPI-M): 58 में से 43 विधायक (74%)
कांग्रेस: 21 में से 19 विधायक (90%)
भाकपा (CPI): 44%
IUML: 86% विधायक आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं
आर्थिक स्थिति: आधे से ज्यादा करोड़पति
विधायकों की संपत्ति के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं।
132 में से 72 विधायक (55%) करोड़पति हैं
कुल घोषित संपत्ति: 363.78 करोड़ रुपये
प्रति विधायक औसत संपत्ति: 2.75 करोड़ रुपये
पार्टीवार करोड़पति विधायकों का प्रतिशत:
केरल कांग्रेस (एम), जद(एस), राकांपा, केरल कांग्रेस: 100%
IUML: 86%
कांग्रेस: 62%
माकपा: 40%
सबसे अमीर और सबसे कम संपत्ति वाले विधायक
सबसे अमीर: कांग्रेस के मैथ्यू कुझलनंदन (34 करोड़ रुपये से अधिक)
दूसरे स्थान पर: निर्दलीय मणि सी कप्पन (27 करोड़ रुपये से अधिक)
तीसरे: के बी गणेश कुमार (19 करोड़ रुपये से अधिक)
सबसे कम संपत्ति: माकपा के पी पी सुमोद (करीब 9.9 लाख रुपये)
शिक्षा और सामाजिक प्रोफाइल
61% विधायक स्नातक या उससे अधिक शिक्षित
36% ने कक्षा 5 से 12 तक पढ़ाई की है
महिला विधायक सिर्फ 11 (8%)
70% विधायक 51-80 वर्ष आयु वर्ग में
30% विधायक 25-50 वर्ष के बीच
ADR की यह रिपोर्ट केरल की राजनीति का एक मिला-जुला चित्र पेश करती है, जहां एक ओर बड़ी संख्या में विधायकों पर आपराधिक मामले हैं, वहीं दूसरी ओर आर्थिक रूप से मजबूत प्रतिनिधियों का दबदबा भी साफ दिखाई देता है।
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