
सागर। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सागर जिले (Sagar District) के बहुचर्चित कार अग्निकांड मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस घटना को पहले सड़क हादसा और सीएनजी किट में आग लगने का मामला बताया जा रहा था, वह दरअसल एक सुनियोजित हत्या निकली। इस मामले में मृतका के पति डॉ. नीलेश पटेल को मुख्य आरोपी बनाते हुए पुलिस ने उसे और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दूसरी युवती के साथ चल रहा था प्रेम प्रसंग
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम की ओर से की गई जांच में सामने आया कि मृतका सीमा की मौत किसी दुर्घटना में नहीं, बल्कि गला दबाकर की गई हत्या का परिणाम थी। आरोपी डॉ. नीलेश ने पूछताछ में कबूल किया कि उसका अपने ही पड़ोस में रहने वाली 25 वर्षीय युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस अवैध संबंध की जानकारी जब उसकी पत्नी सीमा को हुई, तो दंपत्ति के बीच लगातार विवाद होने लगे थे।
हादसे का रूप देने के लिए सोची-समझी साजिश
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार की रात डॉ. नीलेश ने पहले सीमा का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने इस अपराध को छिपाने और इसे एक हादसे का रूप देने के लिए सोची-समझी साजिश रची। आरोपी ने सबसे पहले मृतका के परिजनों को फोन कर झूठी जानकारी दी कि सीमा को अचानक हार्ट अटैक आया है और वह उसे अस्पताल लेकर जा रहा है। इसके बाद उसने अपनी क्लीनिक में काम करने वाले दो कर्मचारियों को साथ लिया और कार में आग लगाने की योजना को अंजाम दिया। तीनों ने मिलकर कार में ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी, ताकि यह घटना एक दुर्घटना प्रतीत हो।
घटना के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हुए बयान दिया कि कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी और उसमें लगी सीएनजी किट में विस्फोट होने से आग लग गई। हालांकि, पुलिस को शुरुआत से ही इस कहानी पर संदेह था। मौके का निरीक्षण और फॉरेंसिक जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पुलिस की शंका को और गहरा कर दिया। जांच में पाया गया कि कार की अपेक्षा मृतका का शव अधिक बुरी तरह जला हुआ था, जो सामान्य दुर्घटना के मामलों से मेल नहीं खाता था। इसके अलावा घटनास्थल और परिस्थितियों में भी कई विसंगतियां सामने आईं।
कड़ाई से पूछताछ में साजिश का खुलासा
इसके बाद पुलिस ने जब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। फिलहाल पुलिस ने डॉ. नीलेश पटेल सहित उसके दोनों सहयोगियों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है, वहीं पुलिस इस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है।
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