तेहरान। अमेरिका-ईरान युद्ध (US-Iran War) के चलते वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे कई देशों में ऊर्जा संकट (Energy crisis) गहरा गया है। ईंधन आपूर्ति बाधित होने और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे व्यापक असर को देखते हुए फिलीपींस ने राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल की घोषणा कर दी है। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने मंगलवार देर रात कार्यकारी आदेश जारी कर यह ऐलान किया। सरकार के मुताबिक, ईंधन आपूर्ति में भारी कमी का खतरा मंडरा रहा है। राष्ट्रपति मार्कोस ने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता बनाए रखना, आर्थिक गतिविधियों को जारी रखना और जरूरी सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है।
बुधवार को टेलीविजन संबोधन में मार्कोस ने बताया कि यह आदेश एहतियाती कदम के रूप में उठाया गया है, ताकि सरकार को ऊर्जा आपात स्थिति से निपटने के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध हो सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि देश के पास मौजूदा 45 दिनों के तेल भंडार के अलावा भी तेल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी और अगले बुवाई मौसम तक उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहेगी। गौरतलब है कि फिलीपींस ने आखिरी बार वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया था।
45 दिनों का है तल भंडार
बता दें कि ईरान युद्ध को देखते हुए कई देश तेल संकट से निपटने के उपाय कर रहे हैं, लेकिन फिलीपींस औपचारिक रूप से राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित करने वाला पहला प्रमुख देश बन गया है। ईस महीने फिलीपींस की मुद्रा पेसो एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में शामिल रही, जिसमें करीब 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। शेयर बाजार में भी लगभग 9 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। बता दें कि देश अपना लगभग सारा तेल मध्य पूर्व से आयात करता है। रिपोर्ट के अनुसार, 20 मार्च तक उसके पास 45 दिनों का तेल भंडार था।
राष्ट्रपति मार्कोस ने मंगलवार को ब्लूमबर्ग टीवी से बात करते हुए चेतावनी दी कि जेट ईंधन की कमी के कारण विमानों की उड़ान रोकना एक स्पष्ट संभावना है। फिलीपीन एयरलाइंस के अध्यक्ष रिचर्ड नटाल ने बुधवार को बताया कि कंपनी ने जून के अंत तक अपनी ईंधन जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित कर लिया है, लेकिन उसके बाद की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
आपातकाल की घोषणा के तहत राष्ट्रपति एक विशेष समिति का गठन करेंगे, जो ईंधन, भोजन, दवाइयां, कृषि उत्पादों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता तथा वितरण सुनिश्चित करेगी। यह समिति ऊर्जा प्रबंधन के उपायों की निगरानी के साथ प्रभावित क्षेत्रों और उपभोक्ताओं को सहायता पहुंचाने का भी काम करेगी। ऊर्जा विभाग को ऊर्जा संरक्षण और जमाखोरी रोकने के सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के अनुसार, राज्य की ऊर्जा कंपनियों को ईंधन और पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद तथा अनुबंध राशि के 15 प्रतिशत से अधिक अग्रिम भुगतान का अधिकार दिया गया है। परिवहन विभाग ईंधन और यात्री किरायों पर सब्सिडी दे सकता है, रेल सेवाओं के संचालन घंटे बढ़ा सकता है तथा टोल और विमानन शुल्क माफ कर सकता है। अन्य विभाग सामाजिक कल्याण योजनाओं के वितरण में तेजी लाएंगे, बुनियादी वस्तुओं की अनुचित कीमत वृद्धि पर नजर रखेंगे और मध्य पूर्व में फंसे फिलीपींस के प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेंगे।
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