
इंदौर। इंदौर के तुकोगंज में बिल्डर संजय जैन से 15 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में आज दो सबसे बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। पहला—कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे मनीष जांगिड़ की पुलिस रिमांड आज समाप्त हो रही है, जिसे अब जेल भेजा जा सकता है। और दूसरा सबसे बड़ा अपडेट—लॉरेंस गैंग से जुड़े प्रदेश भर के तमाम अपराधों की जांच अब नवनियुक्त एसआईटी को सौंप दी गई है। डीजीपी कैलाश मकवाना के निर्देश पर गठित यह विशेष टीम अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की जड़ों तक पहुँचेगी।
इंदौर के तुकोगंज थाने में दर्ज 15 करोड़ की फिरौती के मामले ने अब पूरे प्रदेश की पुलिस को अलर्ट मोड पर ला दिया है। आरोपी मनीष जांगिड़, जिसे अशोकनगर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया था, उसकी एक दिन की अतिरिक्त रिमांड आज खत्म हो रही है। पूछताछ में मनीष ने गैंग के कई सफेदपोश मददगारों और ‘हैरी बॉक्सर’ उर्फ प्रतीक शुक्ला के कनेक्शन के राज उगले हैं। अब पुलिस उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की तैयारी में है।पुलिस मुख्यालय द्वारा गठित यह एसआईटी टीम अब यह पता लगाएगी कि कैसे विदेशी नंबरों और व्हाट्सऐप कॉल के जरिए बाबा सिद्दीकी जैसा हाल करने की धमकियां दी जा रही थीं। इंदौर के तुकोगंज, क्राइम ब्रांच और किशनगंज में दर्ज मामलों की केस डायरी अब भोपाल स्थित एसटीएफ मुख्यालय भेजी जा रही है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि जेल की सलाखों के पीछे बैठा मनीष जांगिड़ और बाहर घूम रहा प्रतीक शुक्ला किस तरह इस नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि आरोपी मनीष जांगिड़ की रिमांड आज समाप्त हो रही है, जिसके बाद उसे माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। चूंकि अब प्रदेश स्तर पर एसआईटी का गठन हो चुका है, इसलिए हमारे यहाँ दर्ज प्रकरणों की जांच डायरी और अब तक की पूछताछ के इनपुट्स एसआईटी को सौंपे जा रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में अब यह टीम पूरे गिरोह और उनके नेटवर्क की गहराई से पड़ताल करेगी।
एसआईटी के गठन के बाद अब जांच का दायरा केवल इंदौर तक सीमित नहीं रहेगा। एडीजी श्री निवास वर्मा के नेतृत्व में टीम यह खंगालेगी कि लॉरेंस गैंग के तार और किन-किन शहरों के गुर्गों से जुड़े हैं। मनीष जांगिड़ से मिली शुरुआती लीड्स अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में बड़े खुलासे का आधार बनेंगी।
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