
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मौसम अब कहर ढाने लगा है. लगातार बारिश की वजह से लैंडस्लाइड और सड़कें धंसने लगी है. मंगलवार को चंबा के भरमौर में लैंडस्लाइड के चलते लोहे का निर्माणाधीन सिंयुर पुल टूट गया. वहीं, कुल्लू में कार पर लैंडस्लाइड हुई औऱ चालक बाल बाल बच गया. वहीं, मनाली में लेफ्ट बैंक में अलेऊ से पहले हाईवे धंस गया और अब एक बार फिर से इस हाईवे के बंद होने के आसार बन गए हैं. क्योंकि प्रदेश में दो दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
मंगलवार को कुल्लू जिले की मणिकर्ण-बरशेणी सड़क पर भूस्खलन की चपेट में एक कार आ गई और इसमें ड्राइवर और सवारी बाल बाल बच गए. यहां पर घटिगढ़ में बार-बार भूस्खलन से हो रहा है. मंगलवार सुबह ही चंबा के भरमौर के होली खड़ामुख मार्ग पर निर्माणाधीन पुल भूस्खलन के चलते टूट गया. उधऱ, मनाली के समीप चचोगा के पास सड़क धंसने से दिक्कत बढ़ी है. बीते मॉनसून सीजन में यहां हाईवे धंस गया था और फिर दोबारा बनाया गया था. लेकिन अब आधी सड़क फिर से धंस गई है.
जानकारी के अनुसार, बीते एक सप्ताह के दौरान सामान्य से 120% अधिक वर्षा हुई है. राज्य में अगले तीन दिन भी बारिश से राहत के आसार नहीं है. मौसम विभाग (IMD) ने सात और आठ अप्रैल के लिए छह जिलों में भारी ओलावृष्टि और तेज तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इस दौरान ओलावृष्टि के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट हैं. चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि कल कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है.
शिमला में मौसम विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक ने बताया कि प्रदेश में 7 से 9 अप्रैल तक मौसम अधिक खराब बना रहेगा. खासकर 8 अप्रैल को भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज तूफान की संभावना है. जिसका असर 9 अप्रैल तक रहेगा. 10 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने की संभावना हैं. बीते 24 घंटों के दौरान हुई बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है.
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बर्फबारी, बारिश, ओलावृष्टि के साथ तेज़ हवाओं ने किसानों बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. शिमला और कुल्लू जिलों के कई क्षेत्रों में सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. बीते 24 घंटों के दौरान कल्पा में सबसे कम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे अधिक तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस ऊना जिला में रिकॉर्ड किया गया. मौसम के बदले मिजाज के चलते तापमान सामान्य से कम चल रहे हैं. अगले तीन दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना है.
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