
इंदौर। इंदौर शहर में भोले-भाले निवेशकों को शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। शहर में संचालित एक आई टी कंपनी की आड़ में एडवाइजरी कंपनी संचालित की जा रही थी। इस मामले में थाना तुकोगंज पुलिस ने तीन थानों के बल के साथ मिलकर त्वरित कार्रवाई करते हुए अभय प्रशाल के सामने संचालित इंफिनिक्स इन्फोटेक कंपनी के कार्यालय पर छापा मारकर बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है।
दरअसल इंदौर के अभय प्रशाल के सामने इंफिनिक्स इन्फोटेक प्रायवेट लिमिटेड कंपनी की आड़ में फर्जी एडवाइजरी कंपनी संचालित की जा रही थी, जहां कंपनी में 210 से अधिक युवक युवतियों को सॉफ्टवेयर और निवेश के लिए लोगों को आकर्षित किए जाने पर तगड़ा इंसेंटिव दिया जाता था। कंपनी के छह से ज्यादा संचालक सभी कर्मचारियों को टास्क देते थे। कंपनी के एक संचालक मनीष पांडे ने देपालपुर के एक व्यक्ति नीतीश भगत को फोन लगाकर शेयर मार्केट में इन्वेस्ट किए जाने का लालच दिया गया था जब भगत ने शेयर मार्केट की जानकारी ना होने की बात कही तब मनीष ने एक महिला से बात करवाई और भगत को विश्वास में लेकर भगत से चार लाख अस्सी हजार से ज्यादा इन्वेस्ट करवए गए जिसके बाद मनीष और महिला द्वारा भेजे गए मोबाइल एप्लीकेशन और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर पर भगत का पैसा बढ़ता हुआ दिखाई दिया लेकिन जब भगत ने पैसे निकलना चाहे तो उन्हे ठगी की जानकारी लगी जिसके बाद भगत ने कंपनी के संबंधित थाना क्षेत्र तुकोगंज में शिकायत की थी।
कंपनी में दबिश दी तो करीब ढाई सौ से ज्यादा कर्मचारी काम करते मिले। अचानक हुई दबिश से ऑफिस में हड़कंप मच गया था। कार्रवाई में पुलिस टीम ने मौके से 23 CPU, 14 लैपटॉप, DVR, मॉनिटर, 66 मोबाइल फोन, 28 सिम कार्ड, चेकबुक और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल लोगों को ठगने के लिए किया जा रहा था। मामले में कंपनी के संचालक मनीष पांडे सहित अनिमेष चौहान, संदीप त्यागी, अनुराग सैंडलानी और नेहा जैन के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ता नितिश भगत के मुताबिक आरोपियों ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर पहले छोटे मुनाफे का लालच दिया, फिर टर्मिनल खरीदने और बड़े रिटर्न के नाम पर करीब 4.80 लाख रुपये की ठगी कर ली। इसी गिरोह ने अन्य राज्यों के लोगों को भी निशाना बनाया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और संभावना है कि ठगी का यह आंकड़ा करोड़ों तक पहुंच सकता है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved