
नई दिल्ली। नासिक (Nashik) स्थित टीसीएस (TCS) में मुस्लिम कर्मचारियों (Muslim employees) द्वारा हिंदू महिला कर्मचारियों(Hindu female employees) के यौन शोषण (Sexual Harassment) और धर्म परिवर्तन (Conversion Case) मामले में पुलिस गहन जांच कर रही है। पुलिस अब फरार आरोपी निदा खान समेत गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों को खंगाल रही है, ताकि ये पता लगाया जा सके कि क्या उन्हें इस अपराध के लिए पैसे मिले थे।
सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि एसआईटी मामले की जांच कर रहा है। इस पूरे मामले में एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को टीसीएस की महिला मैनेजर की पुलिस हिरासत 15 अप्रैल तक बढ़ा दी। जांचकर्ताओं के अनुसार अब तक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के 7 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 6 पुरुष और 1 महिला है।
टीसीएस भी जांच में जुटी…टीसीएस ने रविवार को कहा कि कंपनी ने लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और जोर-जबरदस्ती को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई है। कंपनी ने नासिक में यौन उत्पीड़न में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों के निलंबन की पुष्टि की है। सोमवार को ‘टाटा संस’ के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने यौन उत्पीड़न को ‘बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक’ बताया। उन्होंने बताया कि टीसीएस की मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमणियन के नेतृत्व में इस मामले की गहन जांच चल रही है ताकि तथ्यों का पता लगाया जा सके और इस स्थिति के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जा सके।
फरार आरोपी निदा खान की तलाश तेज
जांचकर्ताओं के मुताबिक, फरार महिला कर्मचारी निदा खान की तलाश तेज कर दी गई है। शिकायतकर्ताओं ने अपने सीनियर पर मानसिक और यौन उत्पीड़न तथा एचआर डिपार्टमेंट पर उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार कर्मचारियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और महिला मैनेजर के रूप में हुई है, जिन्हें इस मामले के सामने आने के बाद में कंपनी से निलंबित कर दिया गया था।
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