
बीआरटीएस के अंतिम बस स्टॉप को तोडऩे का काम आज होगा पूरा
इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा 300 करोड़ रुपए (₹300 Crore) खर्च कर बनाए गए बीआरटीएस कॉरिडोर (BRTS Project) को तोडऩे से नगर निगम (Corporation) को 1.55 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। इस बीआरटीएस कॉरिडोर के अंतिम बस स्टॉप (Bus Stop) को तोडऩे का काम आज पूरा किया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा पिछले साल फरवरी में बीआरटीएस कॉरिडोर को तोडऩे का फैसला लिया गया था। इसके बाद इस कॉरिडोर को तोडऩे का काम करने में नगर निगम के पसीने छूट गए। इस काम को लेने वाले ठेकेदार ने काम लिया और फिर भाग गया। फिर निगम द्वारा एक साथ इस काम को करने के लिए ठेकेदार को इन पेनेलमेंट करने का फैसला लिया गया। इस फैसले के तहत चार ठेकेदारों से बीआरटीएस के 17 बस स्टॉप तोडऩे के लिए अनुबंध किया गया। इन ठेकेदारों द्वारा बस स्टॉप को तोडऩे से निकलने वाले मलबे और लोहा-लंगर को अपनी संपत्ति के रूप में लिया गया और बदले में इसका पैसा निगम को दिया गया। इन 17 बस स्टॉप को तोडऩे से निगम को 1.10 करोड़ रुपए की कमाई हुई। इस कॉरिडोर का अंतिम बस स्टॉप, जो सी21 मॉल के सामने है, उसे तोडऩे का काम चल रहा है, जो आज रात में पूरा हो जाने की उम्मीद है। नगर निगम द्वारा जहां भी बस स्टॉप तोड़े गए हैं, वहां पर डामर से पैचवर्क भी कर दिया गया है। इस कॉरिडोर में 7.7 किलोमीटर लंबी रैलिंग थी, जिसे तोडऩे का काम किया जाना था। इसे तोडऩे का काम भी अब अंतिम चरण में चल रहा है। इस कार्य से निगम को 45 लाख रुपए की कमाई हुई है। इस काम को करने के लिए निगम द्वारा चार ठेकेदारों का इन पेनेलमेंट किया गया था। ठेकेदारों द्वारा मार्ग विभाजक के रूप में काम करने वाली रैलिंग तोडऩे का काम पूरा कर लिया गया है। अब इस मार्ग पर छोटी खजरानी से लेकर नौलखा चौराहे के आगे तक लोक निर्माण विभाग द्वारा एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। इस कार्य के क्षेत्र को छोडक़र शेष स्थान पर नगर निगम द्वारा रोड डिवाइडर बनाने का काम ठेका देकर शुरू करवाया गया है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि 3.1 किलोमीटर क्षेत्र में हमें रोड डिवाइडर बनवाना हैं। इसमें से 1 किलोमीटर क्षेत्र में डिवाइडर बनकर तैयार हो गए हैं।