नई दिल्ली। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक स्थित बीपीओ यूनिट (BPO Unit) से जुड़े विवाद पर कंपनी ने पहलीबार विस्तार से सफाई दी है। कंपनी के CEO के. कृतिवासन (CEO K. Krithivasan) ने कहा है कि आरोपी निदा खान का कंपनी की भर्ती प्रक्रिया या HR से कोई संबंध नहीं है और नासिक यूनिट पूरी तरह चालू है।
CEO की चिट्ठी में क्या कहा गया?
कृतिवासन ने कर्मचारियों को भेजे एक पत्र में साफ किया:
निदा खान का HR या भर्ती प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं
उसे किसी लीडरशिप भूमिका में भी नहीं रखा गया था
नासिक यूनिट बंद होने की खबरें पूरी तरह गलत
जांच के लिए बनाई गई विशेष व्यवस्था
कंपनी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डेलॉइट की स्वतंत्र टीम को शामिल किया है। जांच की निगरानी TCS की प्रेसिडेंट और COO आरती सुब्रमणियन कर रही हैं।
इसके अलावा एक ओवरसाइट कमेटी भी बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता केकी मिस्त्री कर रहे हैं।
POSH चैनल पर नहीं मिली थी शिकायत
कंपनी के अनुसार, शुरुआती जांच में उसके POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) चैनलों पर इस तरह की कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई थी।
निदा खान अभी फरार, कोर्ट पहुंची
मामले की मुख्य आरोपी निदा खान फिलहाल फरार बताई जा रही है। हालांकि, उसने हाल ही में कोर्ट में याचिका दायर कर खुद को गर्भवती बताते हुए राहत की मांग की है। उसके दावों की जांच जारी है।
आगे क्या?
जांच एजेंसियां आरोपी की तलाश में जुटी हैं, जबकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह मामले में पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ कार्रवाई करेगी।
TCS नासिक विवाद अब कानूनी और कॉर्पोरेट दोनों स्तरों पर बड़ा मामला बन गया है। कंपनी ने जहां खुद को आरोपों से अलग बताया है, वहीं जांच के नतीजे ही आगे की सच्चाई तय करेंगे।
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