
नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों (Assembly elections) को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission) ने सख्त रुख अपनाया है। भारत निर्वाचन आयोग (EC) ने स्पष्ट किया है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को चुनावी अपराध माना जाएगा। खासतौर पर EVM के बटन पर स्याही, गोंद, इत्र या किसी भी तरह का रसायन लगाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद बाहरी लोग—जैसे अन्य क्षेत्रों से आए पार्टी कार्यकर्ता या समर्थक—तुरंत निर्वाचन क्षेत्र छोड़ दें। यानी मतदान से 48 घंटे पहले सभी गैर-मतदाताओं को क्षेत्र से बाहर जाना अनिवार्य होगा।
निर्वाचन अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, पक्षपात या कर्तव्य में विफलता को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
EC ने सभी पीठासीन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि EVM की बैलेट यूनिट पर सभी उम्मीदवारों के बटन स्पष्ट रूप से दिखाई दें और किसी भी बटन को टेप, गोंद या अन्य सामग्री से ढका न जाए। साथ ही, उम्मीदवारों के बटन पर किसी भी प्रकार का रंग, स्याही, इत्र या रसायन नहीं लगाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे मतदान की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है।
यदि इस तरह का कोई मामला सामने आता है, तो पीठासीन अधिकारी तुरंत सेक्टर अधिकारी या निर्वाचन अधिकारी को सूचित करेंगे। आयोग ने साफ किया है कि इस तरह की हरकतें EVM से छेड़छाड़ के दायरे में आएंगी, जो एक गंभीर चुनावी अपराध है।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि दोषियों के खिलाफ बिना किसी हिचक के आपराधिक कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित बूथ पर दोबारा मतदान भी कराया जा सकता है।
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