
कटनी: मध्य प्रदेश के कटनी में नाबालिग 163 बच्चों से जुड़े कथित मानव तस्करी के मामले ने अब तूल पकड़ ली है. इस पूरे मामले को लेकर बिहार के जन जागरण शक्ति संगठन ने गंभीर आरोप लगाए हैं. साथ ही संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है.
कटनी में बिहार के अररिया जिले से महाराष्ट्र के लातूर सहित अन्य क्षेत्रों में मदरसों में शिक्षा के लिए जा रहे 163 बच्चों को रोककर बालगृह में रखा गया था. साथ ही मदरसा शिक्षकों पर मानव तस्करी का मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद यह विवाद गहराता चला गया.
बिहार में आयोजित पत्रकारवार्ता में जन जागरण शक्ति संगठन ने आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चों को उनकी अभिभावकों की सहमति से भेजा जा रहा था. संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और बच्चों व शिक्षकों को मुआवजा दिए जाने की मांग की है.
अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों के पास वैध टिकट, जरूरी दस्तावेज और सहमति पत्र मौजूद थे. इसके बावजूद उन्हें कटनी में रोक लिया गया. कई दिनों की प्रक्रिया के बाद 25 अप्रैल को बच्चों को परिजनों को सौंपा गया.
अभिभावकों का कहना है कि हमारे बच्चों को पढ़ाई के लिए भेजा गया था, लेकिन उन्हें रोक लिया गया, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हुई है. वहीं बाल कल्याण समिति कटनी ने इस मामले में विधि उल्लंघन की आशंका जताई है. समिति का कहना है कि बच्चों के पास पर्याप्त वैध दस्तावेज नहीं थे और उनकी सुरक्षा को देखते हुए कार्रवाई की गई.
समिति ने मामले की जांच, संबंधित संस्थाओं पर कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही है. फिलहाल यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, जहां एक तरफ अभिभावक और संगठन सवाल उठा रहे हैं.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved