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लैंड पूलिंग एक्ट से इंदौर में हुआ हजारों एकड़ जमीनों का अधिग्रहण

May 01, 2026

  • प्राधिकरण के साथ एमपीआईडीसी ने भी किया इस्तेमाल, अन्य राज्यों के अफसर अब आकर समझ रहे हैं फॉर्मूला, कॉरिडोर के भूमिपूजन की तैयारियों का कलेक्टर ने लिया जायजा

इंदौर। प्रदेश में कमलनाथ सरकार जो लैंड पुलिंग एक्ट लेकर आई उसका हालांकि शुरुआत में जमीन मालिकों ने विरोध किया। मगर अब प्राधिकरण से लेकर एमपीआईडीसी सहित अन्य विभागों ने हजारों एकड़ जमीनें अपने प्रोजेक्टों के लिए हासिल कर ली। जबकि प्रदेश के अन्य शहर इस मामले में पीछे रहे। यहां तक कि उज्जैन सिंहस्थ के लिए जो टीपीएस योजनाएं घोषित की गई थी उन्हें भी पिछले दिनों किसानों के विरोध के चलते शासन को समाप्त करना पड़ा। लैंड पुलिंग एक्ट में 50 फीसदी जमीन वापस किसानों या जमीन मालिकों को सौंप दी जाती है। इसी फॉर्मूले के आधार पर प्राधिकरण अपनी एक दर्जन योजनाओं पर अमल कर रहा है और अधिकांश टीपीएस योजनाओं में उसे जमीनें भी हासिल हो गई है, तो दूसरी तरफ इंदौर-पीथमपुर इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर से लेकर सेक्टर-7 सहित अन्य प्रोजेक्टों के लिए भी एमपीआईडीसी इसी फॉर्मूले से जमीनें अधिग्रहित कर रहा है। यहां तक कि अन्य राज्यों के अधिकारी भी अब इंदौर आकर लैंड पुलिंग एक्ट की प्रक्रिया को समझ रहे हैं।

पहले प्राधिकरण आवास नीति के तहत 20 फीसदी विकसित भूखंड नकद मुआवजा राशि के बदले देता था। हालांकि यह योजना भी सफल रही, जिसके चलते सुपर कॉरिडोर से लेकर अन्य योजनाओं में प्राधिकरण ने किसानों और जमीन मालिकों को विकसित भूखंड उपलब्ध कराए। इसके बाद लैंड पुलिंग एक्ट लाया गया, जिसके चलते प्रचलित योजनाएं भी स्वत: समाप्त हो गई और नए सिरे से टीपीएस योजनाएं घोषित की गई, जिसमें 50 फीसदी जमीन वापस लौटाई जा रही है। टीपीएस-1, 3, 4, 5 से लेकर 10 पर प्राधिकरण फिलहाल काम कर रहा है।


  • हालांकि अहिल्या पथ के अलावा खंडवा रोड पर लाई जाने वाली नई टीपीएस योजनाएं अवश्य अधर में पड़ी हैं। अभी 7 टीपीएस योजनाओं को विकसित भी प्राधिकरण कर रहा है, जिनमें मास्टर प्लान की सडक़ों, उद्यानों से लेकर अंडरग्राउंड बिजली की लाइनें बिछाई जा रही है। वहीं एमपीआईडीसी ने भी इंदौर-पीथमपुर इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर सेक्टर-7 से लेकर अन्य प्रोजेक्टों के लिए इसी एक्ट के तहत जमीनें हासिल की। कल भी वाणिज्य और उद्योग विभाग छत्तीसगढ़ के अधिकारियों का प्रतिनिधि दल इंदौर पहुंचा और एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति ने उन्हें लैंड पुलिंग मॉडल की पूरी जानकारी दी और इसमें यह बताया कि मिले-जुले मुआवजे का भी प्रयोग किया गया, जिसमें 20 फीसदी नकद और 80 फीसदी जमीन के बदले विकसीत आवासीय या वाणिज्यिक भूखंडों के रूप में प्रतिफल प्रदान किया गया।

    इस प्रतिनिधि मंडल ने पीथमपुर सेक्टर-7 का अवलोकन भी किया। अभी कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर का भूमिपूजन भी कर रहे हैं, जिसकी तैयारियों का जायजा कल कलेक्टर शिवम वर्मा ने लिया। उनके साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिद्धार्थ जैन तथा एमपीआईडीसी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति व विधायक राउ मधु वर्मा सहित पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन एवं एमपीआईडीसी के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर मंच व्यवस्था, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं अन्य आवश्यक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि सभी व्यवस्थाएं समयसीमा में पूर्ण करते हुए आपसी समन्वय से कार्य सुनिश्चित करें।

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