
इंदौर। शासन ने पिछले दिनों यह निर्णय लिया कि इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमी कॉरिडोर में जिन किसानों की जमीनें ली जा रही है उन्हें 50 की बजाय 60 फीसदी तक के प्रतिफल का लाभ नकद मुआवजे के बदले दिया जाएगा। अभी तक लगभग 60 फीसदी किसानों से एक हजार एकड़ जमीनें हासिल करने पर सहमति हो चुकी है और अभी जो पहले चरण में 75 मीटर चौड़ा और 20 किलोमीटर लम्बा इकोनॉमिक कॉरिडोर निर्मित किया जा रहा है, उसमें अधिकांश सरकारी जमीन ही शामिल की गई है। इसी कॉरिडोर का भूमिपूजन मुख्यमंत्री को आज करना था। मगर अब यह आयोजन कल यानी 3 मई को नैनोद में होगा, जहां पर विशाल वातानुकूलित डोम लगवाया गया है। यह कॉरिडोर सर्विस रोड सहित कुल 12 लेन का निर्मित होगा, जिसके लिए 329 करोड़ का टेंडर मंजूर किया गया है।
इस कॉरिडोर के दोनों तरफ 300-300 मीटर में निजी और सरकारी जमीनें अधिग्रहित की जा रही है। इस कॉरिडोर के निर्माण के बाद इंदौर एयरपोर्ट से पीथमपुर मात्र 20 मिनट में पहुंचा जा सकेगा, क्योंकि यह कॉरिडोर 75 मीटर चौड़ा बनाया जा रह ा है, जिसमें 3-3 लेन दोनों तरफ मुख्य कैरेज-वे की और उसके बाद जो सर्विस रोड दोनों ओर निर्मित होंगे उसमें भी 3-3 लेन रहेगी। आईटी के साथ लॉजिस्टिक, फिंटेक, औद्योगिक, आवासीय सहित अन्य गतिविधियों का केन्द्र यह कॉरिडोर बनेगा। एमपीआईडीसी के एमडी हिमांशु प्रजापति के मुताबिक, अब कल दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इसका भूमिपूजन किया जाएगा। गर्मी को देखते हुए भूमिपूजन स्थल पर विशाल वातानुकूलित डोम निर्मित किया गया है। श्री प्रजापति के मुताबिक चूंकि भूमिपूजन कल दोपहर 12 बजे होगा और गर्मी भी काफी है, इसलिए सर्वसुविधा युक्त एसी डोम तैयार करवाया गया है। पहले चरण में चूंकि रोड का निर्माण भी किया जाना है और इसमें अधिकांश जमीनें सरकारी शामिल की गई है और अभी तक लगभग 1 हजार एकड़ जमीन किसानों से सहमति प्राप्त करने के बाद हासिल की जा चुकी है। लगभग 1300 हेक्टेयर जमीन इस पूरे इकोनॉमी कॉरिडोर में शामिल रहेगी। वहीं कलेक्टर शिवम वर्मा ने कल के भूमिपूजन की तैयारियों का जायजा भी लिया और संबंधित विभागों को निर्देश भी समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए।
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