
इंदौर, विकाससिंह राठौर। इंदौर से जुड़ी एविएशन इंडस्ट्री के लिए अप्रैल का महीना बुरा साबित हुआ है। अप्रैल माह में पिछले 7 माह की तुलना में सबसे कम यात्री और उड़ानें मिली हैं। इसका बड़ा कारण समर शेड्यूल में इंदौर से कई उड़ानों का बंद होना और विमान ईंधन के महंगे होने के कारण महंगे हुए हवाई टिकट को बताया जा रहा है।
इंदौर एयरपोर्ट से घटे यात्री और उड़ानों का खुलासा एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा तैयार की गई अप्रैल की मासिक रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में इंदौर से कुल 2,569 उड़ानों का संचालन हुआ, जिनसे 3 लाख 46 हजार 8 यात्रियों ने सफर किया, जबकि मार्च में कुल 2,815 उड़ानों से 3 लाख 82 हजार 343 यात्रियों ने सफर किया था। यानी मार्च की तुलना में अप्रैल में 246 उड़ानें और 36 हजार 335 यात्री घटे हैं। प्रतिशत में देखें तो मार्च की तुलना में अप्रैल में 8.7त्न उड़ानों और 9.5त्न यात्रियों की कमी आई है, जो कि पिछले महीनों की तुलना में सबसे बड़ी गिरावट है।
एयरपोर्ट के 24 घंटे खुला रहने के बाद भी घटी उड़ानें 4 शहरों का संपर्क भी टूटा
उल्लेखनीय है कि 29 मार्च से लागू हुए उड़ानों के समर शेड्यूल के साथ ही इंदौर एयरपोर्ट को 17 महीनों बाद दोबारा 24 घंटे खुला रखा जाने लगा है। इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि इंदौर के खाते में रात और सुबह की कई नई उड़ानें जुड़ेंगी, लेकिन इसके उलट इंदौर में पहले से चल रही कई उड़ानें बंद हो गई हैं। उड़ानों के बंद होने से इंदौर का नासिक, उदयपुर, भुवनेश्वर और जम्मू से संपर्क भी टूट चुका है। इसके साथ ही दिल्ली, मुंबई, गोवा सहित अन्य मार्गों पर भी उड़ानें कम हुई हैं। साथ ही युद्ध के कारण 28 फरवरी से इंदौर से शारजाह उड़ान भी बंद है। इन सभी कारणों से भी उड़ानों और यात्रियों की संख्या भी घटी है।
इंडिगो संकट के बाद सबसे कम उड़ानें और यात्री
जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच हर महीने की रिपोर्ट देखें तो अप्रैल 2026 से पहले सितंबर 2025 में सबसे कम यात्री और उड़ानें मिली थीं। इस दौरान इंदौर से कुल 2,393 उड़ानों का संचालन हुआ था, जिनसे 3 लाख 35 हजार 933 यात्रियों ने सफर किया था। इसका कारण इंडिगो में स्टाफ की कमी के चलते रोज पूरे देश में सैकड़ों उड़ानों का निरस्त होना था, लेकिन अप्रैल में ऐसी कोई स्थिति न होने के बावजूद उड़ानों की संख्या में भारी कमी आई है।
दोगुना किराया, युद्ध के हालात और उड़ानें कम होने से बिगड़ा सीजन
ट्रेवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि फरवरी अंत से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण इंदौर से चलने वाली शारजाह की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय उड़ान बंद है, जिससे इंटरनेशनल टूरिज्म घटा है। वहीं युद्ध के कारण जेट फ्यूल महंगा हो जाने से उड़ानों का किराया भी बढक़र दोगुना तक हो गया है। साथ ही कई घरेलू उड़ानें बंद होने से भी यात्री घटे हैं। इन सभी कारणों से इंदौर से यात्री और उड़ानों की संख्या में कमी आई है। इसके कारण गर्मी की छुट्टी का पीक सीजन भी पर्यटन के लिहाज से खराब हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में भी बड़ी राहत की उम्मीद नहीं है।
एक नजर वित्तीय वर्ष 8 महीनों की उड़ानों और यात्री संख्या पर
माह यात्री उड़ानें
सितंबर 25 3,35,933 2,393
अक्टूबर 25 3,63,000 2,645
नवंबर 25 4,23,010 2,973
दिसंबर 25 3,68,460 2,649
जनवरी 26 3,97,098 2,882
फरवरी 26 3,71,437 2,642
मार्च 26 3,82,343 2,815
अप्रैल 26 3,46,008 2,569
(जानकारी विमानतल प्रबंधन के मुताबिक)
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