नई दिल्ली। पलामू (Palamu) के मेदिनीनगर स्थित योध सिंह नामधारी महिला कॉलेज (Yodh Singh Namdhari Mahila College) में रविवार को NEET-UG परीक्षा का केंद्र बनाया गया था। छात्र पूरे साल की तैयारी के बाद परीक्षा देने पहुंचे थे, लेकिन शुरुआत में ही व्यवस्था की बड़ी चूक सामने आ गई।
जैसे ही प्रश्न पत्र बांटे गए, कई छात्रों ने पाया कि उन्हें उनकी चुनी हुई भाषा के बजाय दूसरी भाषा का पेपर दिया गया है। जिन अभ्यर्थियों ने हिंदी माध्यम चुना था, उन्हें अंग्रेजी में प्रश्न पत्र थमा दिया गया। इससे परीक्षा हॉल में तुरंत हड़कंप मच गया।
गलती सामने आते ही छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। परीक्षा कक्ष में शोर-शराबा बढ़ गया और सेंटर स्टाफ के साथ बहस की स्थिति बन गई। छात्रों का कहना था कि भाषा बदलने से प्रश्न समझना मुश्किल हो जाता है, जिससे उनके प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ेगा। बाहर मौजूद अभिभावक भी स्थिति को लेकर चिंतित नजर आए।
मामला बढ़ता देख स्थानीय प्रशासन को मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और तुरंत National Testing Agency (NTA) से संपर्क साधा। इस गड़बड़ी के चलते परीक्षा तय समय पर शुरू नहीं हो सकी और लंबे समय तक बाधित रही।
काफी मशक्कत के बाद छात्रों को सही भाषा में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया गया। इसके बाद शाम करीब 6 बजे परीक्षा दोबारा शुरू कराई गई। हालांकि, इस देरी और तनाव का असर छात्रों की मानसिक स्थिति पर साफ देखा गया।
प्रशासन ने इस पूरी घटना को तकनीकी त्रुटि बताया है। पलामू की एसडीएम सुलोचना मीना के अनुसार, प्रश्न पत्र के पैकेट में ही गलत भाषा के पेपर भेज दिए गए थे। समय रहते स्थिति संभाल ली गई और अंततः परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
बताया गया कि जिले में कुल चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें से यह समस्या केवल एक केंद्र पर सामने आई। बाकी केंद्रों पर परीक्षा सामान्य रूप से आयोजित हुई। जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए।
NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में इस तरह की चूक ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे तय होगा कि इस गलती के लिए जिम्मेदार कौन है।
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