
इंदौर। राज्य सरकार द्वारा बनाई जा रही योजना के अनुसार अब इंदौर के लिए जबलपुर में बिजली बनेगी। इस योजना में प्रदेश का सबसे बड़ा 220 मेगावाट का सोलर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इस संयंत्र की लागत 500 करोड़ रुपए होने की संभावना है। अब अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया है।
प्रदेश के नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा रुचि लिए जाने के कारण प्रदेश में अपने तरह का पहला प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रदेश के सभी नगर निगम के लिए राज्य सरकार द्वारा एक स्थान पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली बनाई जाएगी। यह बिजली इस प्लांट से बिजली कंपनी को दे दी जाएगी और जितनी बिजली दी जाएगी उतनी बिजली का बिल संबंधित नगर निगम का माफ हो जाएगा। पहली बार राज्य सरकार द्वारा 220 मेगावाट का बड़ा सोलर प्लांट जबलपुर के कठौंदा में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जमीन के चयन का काम पूरा हो गया है। इस प्लांट की स्थापना पर मोटे तौर पर 500 करोड़ रुपए का खर्च आने की उम्मीद है।
इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए राज्य सरकार द्वारा पुल ग्रीन बांड जारी कर पावर प्लांट की स्थापना के लिए पैसे की व्यवस्था की जाएगी। जिस तरह से इंदौर नगर निगम द्वारा ग्रीन बांड जारी कर राशि जुटाई गई और उस राशि से जलूद में 60 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाया गया है, वैसा ही प्रोजेक्ट अब पूरे प्रदेश के नगर निगम के लिए जबलपुर में लगाने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। इसके लिए अब राज्य सरकार द्वारा पहले तो डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवाने का काम किया जाएगा।
इसके बाद फिर बांड के माध्यम से राशि जुटाई जाएगी और यह पावर प्लांट लगाया जाएगा। इस पावर प्लांट से प्रदेश के अन्य नगर निगमों के साथ-साथ इंदौर को भी बिजली मिलेगी। अभी सरकार द्वारा यह तय नहीं किया गया है कि पावर प्लांट में जो 220 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा उसमें से किस नगर निगम को कितनी बिजली दी जाएगी। इस बारे में अधिकारियों का कहना है कि अभी यह प्रोजेक्ट बहुत प्रारंभिक स्तर पर है। जब प्रोजेक्ट पर आगे का काम होगा, तब यह फैसला ले लिया जाएगा कि किस नगर निगम को इसमें से कितनी बिजली दी जाएगी।
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