
बंद कमरे में हर अधिकारी से अलग से लिए जाने थे बयान, जिन्हें गोपनीय भी रखा जाना था, पीएमओ तक शिकायत पहुंचने के बाद मुंबई से आए थे एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी
अधिकारियों से गाली-गलौज, दुर्व्यवहार जैसी शिकायतों पर जांच अधिकारी ने कॉन्फ्रेंस हॉल में डायरेक्टर के सामने ही सब अधिकारियों से की पूछताछ… कोई कुछ बोल नहीं पाया
इंदौर। इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट (airport) के डायरेक्टर (Director) सुनील मग्गीरवार (Sunil Maggirwar) के खिलाफ प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) तक पहुंची शिकायत के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा करवाई गई जांच पर भी सवाल उठने लगे हैं। एयरपोर्ट डायरेक्टर के खिलाफ वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार और अधीनस्थ अधिकारियों से गाली-गलौज, दुर्व्यवहार और अनुचित दबाव बनाने जैसी शिकायत की जांच के लिए आई एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम ने एयरपोर्ट डायरेक्टर के सामने ही कॉन्फ्रेंस हॉल में सभी अधिकारियों से सार्वजनिक रूप से एयरपोर्ट डायरेक्टर के व्यवहार को लेकर सवाल पूछे, जिस पर अधिकारी कुछ भी नहीं बोल पाए। जबकि नियमानुसार इस जांच में एक-एक अधिकारी से बंद कमरे में अलग-अलग बयान लिए जाने थे, जिन्हें गोपनीय भी रखा जाना था, जिससे वे अपनी समस्या बता पाते।
उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट डायरेक्टर के खिलाफ एडवोकेट मनोज रायजादा ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) सहित नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन, एयरपोर्ट अथॉरिटी के चीफ विजिलेंस ऑफिसर और सांसद शंकर लालवानी को शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि एयरपोर्ट डायरेक्टर अधीनस्थ अधिकारियों से दुर्व्यवहार करते हैं, उनसे गाली देकर बात करते हैं। सूट पहनकर आने पर कहते हैं कि तुम काम नहीं करते, सिर्फ लड़कियां ताड़ने के लिए सूट पहनकर आते हो। साथ ही गेस्ट हाउस में रहने पर भी मकान किराया भत्ता लेने और अधिकारियों और ठेकेदारों से सांठ-गांठ कर बेवजह के कामों पर लाखों खर्च करने, एक अधिकारी को अस्वस्थ होने पर भी सांसद का आदमी कहकर रिलीव करने जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। पीएमओ द्वारा शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी को जांच के लिए भेजा गया था। इस पर एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा सोमवार को भूदेव सरकार और मनोज चेट्टियार को जांच के लिए भेजा गया था। शिकायत में लगे आरोपों पर जांच करते हुए इन अधिकारियों ने एयरपोर्ट डायरेक्टर ऑफिस के सामने स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में सभी विभाग प्रमुख अधिकारियों को बुलाया और एयरपोर्ट डायरेक्टर के सामने ही उनसे उनके व्यवहार को लेकर सवाल पूछे। अपने वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बोलने से सभी अधिकारी बचते रहे।
अब जांच अधिकारियों की भी हो सकती है शिकायत
जांच के बाद कई अधिकारियों ने बाहर आकर कहा कि यह जांच नहीं, सिर्फ लीपापोती है। इस तरह जांच करके सिर्फ एयरपोर्ट डायरेक्टर को क्लीनचिट देने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि ऐसे आरोपों पर अधिकारियों से बंद कमरे में अलग-अलग बयान लिए जाने चाहिए थे, ताकि अधिकारी अपनी परेशानी खुलकर बता पाते। कहा जा रहा है कि अब असंतुष्ट अधिकारी और शिकायतकर्ता इस जांच के खिलाफ भी पीएमओ सहित मंत्रालय में शिकायत करेंगे और जांच अधिकारियों की भी जांच करने की मांग करेंगे। साथ ही निष्पक्ष जांच की भी मांग करेंगे।
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