
40 से 50 टैंकर रोज भरे जाते थे, लेकिन अब एक घंटे में बमुश्किल एक टैंकर भर पा रहा है
इंदौर। मिल क्षेत्र (Mill Area) के वार्डों में पानी बांटने (distribute water) के लिए 40 से 50 टैंकर (Tanker) निगम द्वारा दौड़ाए जाते रहे हैं, लेकिन अब मालवा मिल (Malwa Mill) का मेन हाईड्रेंट (hydrant) बंद होने के कगार पर आ गया है, जिसके चलते वार्डों में पानी को लेकर हंगामा शुरू होने लगा है। मालवा मिल के हाईड्रेंट पर चार बोरिंगों की मदद से टैंकरों में पानी भरा जाता था, लेकिन तीन बोरिंग पूरी तरह बंद हो गए और चौथा भी बंद होने के कगार पर है।
मिल क्षेत्र के कई इलाकों में पानी को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं। पूर्व में भी निगम के कई आला अधिकारी अलग-अलग बस्तियों का निरीक्षण करने गए थे, तब अफसरों ने अधिकारियों को पूरे क्षेत्र की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे, साथ ही यह भी कहा गया था कि अगर हाईड्रेंट और नर्मदा लाइनों से पानी सप्लाय नहीं होगा तो उसके लिए वैकल्पिक क्या तैयारियां हैं। मगर सारे मामले प्रस्तावों में ही उलझे रहे और अब मिल क्षेत्र के कई वार्डों में पानी नहीं मिलने को लेकर पार्षदों से लेकर विधायकों तक शिकायतें पहुंच रही हैं। अकेले मिल क्षेत्र के कुछ वार्डों में 50 से ज्यादा टैंकर दौड़ाए जा रहे हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर बनाए गए हाईड्रेंटों से भरे जाते हैं। पिछले कुछ दिनों से मालवा मिल के हाईड्रेंट की स्थिति खराब होने लगी। वहां चार बोरिंग हैं और उन्हीं बोरिंगों से टैंकरों में पानी भरा जाता है। पिछले कुछ दिनों से तीन बोरिंग तेज गर्मी के बाद सूख गए और अब चौथा बोरिंग भी कभी भी बंद हो सकता है, क्योंकि इसका जलस्तर भी कम हो गया है। एकमात्र बोरिंग से चल रहे हाईड्रेंट से एक टैंकर भरने में एक से डेढ़ घंटा लग रहा है। कभी 24 घंटे चलने वाला मालवा मिल का हाईड्रेंट भी अब किसी भी दिन बंद हो सकता है। दूसरी ओर यशंवत क्लब पानी की टंकी से भी पानी सप्लाय कम हो रहा है, जिसके चलते कई वार्डों में पानी नहीं मिल रहा है, साथ ही टैंकर नहीं पहुंच पाने के कारण स्थिति बिगड़ रही है। पानी के मैनेजमेंट का काम रामकी कंपनी को निगम ने सौंपा है, मगर कंपनी का कामकाज इस बार गर्मी में पूरी तरह फेल साबित हुआ है।