img-fluid

भारत के Nuclear बाजार में अमेरिकी परमाणु दिग्गजों की एंट्री, बड़ा डेलिगेशन आ रहा दिल्ली-मुंबई

May 18, 2026

नई दिल्ली. भारत (India) में परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) क्षेत्र में निजी निवेश के रास्ते खुलने के बाद वैश्विक कंपनियों की रुचि तेज हो गई है. अमेरिकी परमाणु उद्योग के शीर्ष अधिकारियों का एक उच्च स्तरीय 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज से भारत के चार दिवसीय (18 से 21 मई) दौरे पर आ रहा है. यह प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली और मुंबई में महत्वपूर्ण बैठकें करेगा, जिसका उद्देश्य भारत के नागरिक परमाणु क्षेत्र में वाणिज्यिक भागीदारी और सप्लाई चेन को मजबूत करना है.

यह दौरा पिछले साल दिसंबर में भारत सरकार द्वारा पारित किए गए ऐतिहासिक ‘SHANTI’ कानून के बाद हो रहा है. इस कानून ने पुराने परमाणु ऊर्जा अधिनियम 1964 और परमाणु क्षति नागरिक दायित्व (CNLD) अधिनियम 2010 को बदल दिया है. पहले के कड़े दायित्व नियमों के कारण वैश्विक कंपनियां भारतीय बाजार में निवेश करने से कतराती थीं, लेकिन नए सुधारों ने निजी और विदेशी निवेश की राह आसान कर दी है.


  • यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) और न्यूक्लियर एनर्जी इंस्टीट्यूट के नेतृत्व में आ रहा यह दल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) और न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेगा. इसके अलावा, यह दल भारत के नागरिक परमाणु क्षेत्र में रुचि रखने वाली कई निजी क्षेत्र की कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात करेगा. दल के सदस्य उन सरकारी अधिकारियों और निजी क्षेत्र के नेताओं से बातचीत करेंगे जो नागरिक परमाणु क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों को तलाशने के इच्छुक हैं.

    यह प्रतिनिधिमंडल राज्य सरकारों से भी यह समझने का प्रयास करेगा कि वे राज्य की परमाणु परियोजनाओं में किस तरह सहायता कर सकती हैं और स्थानीय स्तर पर विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) साझेदारी कैसे बना सकती हैं.

    भारतीय निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां जैसे अडानी ग्रुप, लार्सन एंड टुब्रो (L&T)और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स भी इस क्षेत्र में रुचि दिखा चुकी हैं. वहीं एनटीपीसी और NPCIL राजस्थान और मध्य प्रदेश में संयुक्त रूप से नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं.

    2047 तक 100 GW बिजली उत्पादन का महा-लक्ष्य
    वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ के फेलो शाश्वत कुमार ने पीटीआई को बताया कि भारत ने साल 2047 तक अपनी परमाणु क्षमता को वर्तमान के करीब 9 गीगावाट से बढ़ाकर 100 गीगावाट करने का महा-लक्ष्य रखा है. इस क्षेत्र में निजी खिलाड़ियों को अनुमति मिलने से अमेरिकी फर्मों होल्टेक (Holtec), क्लीन कोर थोरियम और फ्लोसर्व के लिए भारत में व्यापार के नए द्वार खुले हैं.

    दौरे के दौरान दोनों देश स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMR) और न्यूक्लियर फ्यूजन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर सहयोग तलाशेंगे. SMR को परमाणु ऊर्जा का भविष्य माना जा रहा है क्योंकि इन्हें कोयला आधारित पुराने बिजली संयंत्रों की जगहों पर आसानी से स्थापित किया जा सकता है. भारत का यह कदम जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और साल 2070 तक ‘नेट जीरो’ कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.

    आपको बता दें कि भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU), नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) ने न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) के साथ मिलकर एक संयुक्त उद्यम स्थापित किया है. इसका उद्देश्य राजस्थान के माही बांसवाड़ा और मध्य प्रदेश के चुटका में कम से कम छह बिजली संयंत्रों का निर्माण करना है.

    Share:

  • प्रयागराज : घर में लगी भीषण आग, स्वयं की कुर्बानी देकर मां ने तीन बच्चों को बचाया...

    Mon May 18 , 2026
    प्रयागराज. संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) से ममता के सर्वोच्च और रोंगटे खड़े कर देने वाले बलिदान (sacrifice) की एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है. यहां एक भीषण आग (Massive Fire) लगने के दौरान मां (Mother) ने अपने तीनों बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी. उसने अपनी जान की […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved