नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव (Ongoing tensions in the Middle East) का असर अब सीधे भारतीय बाजार पर दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल आने से देशभर में पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए हैं। आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है, लेकिन दूसरी तरफ सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने वित्त वर्ष 2025 में जबरदस्त मुनाफा दर्ज किया है।
कंपनी ने सोमवार को जारी आंकड़ों में बताया कि उसका शुद्ध लाभ बढ़कर 36,802 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 12,962 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी का मुनाफा करीब 2.8 गुना बढ़ गया। कंपनी के मुताबिक, तेल के स्टॉक से हुए फायदे और मजबूत बिक्री ने इस बढ़ोतरी में अहम भूमिका निभाई।
जनवरी से मार्च 2025 की तिमाही में भी इंडियन ऑयल का प्रदर्शन मजबूत रहा। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 11,378 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले साल की समान अवधि से काफी अधिक है।
बिक्री बढ़ी, फिर भी पेट्रोल-डीजल पर घाटा
IOC की कुल आय में भी इजाफा हुआ है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की कमाई करीब 7 फीसदी बढ़कर 2.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई। पेट्रोलियम उत्पादों की कुल बिक्री 5 फीसदी बढ़कर 89 मिलियन मीट्रिक टन रही।
हालांकि कंपनी ने यह भी माना कि मौजूदा समय में पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री पर उसे नुकसान उठाना पड़ रहा है। बावजूद इसके कंपनी ने शेयरधारकों को राहत देते हुए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 1.25 रुपये अंतिम डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
IOC में केंद्र सरकार की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण डिविडेंड का सबसे बड़ा लाभ सरकार को मिलेगा। कंपनी इससे पहले भी 2025 में दो बार निवेशकों को डिविडेंड दे चुकी है। दिसंबर में 5 रुपये प्रति शेयर और अगस्त में 3 रुपये प्रति शेयर का भुगतान किया गया था।
वहीं 2024 में कंपनी ने 7 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। 2023 में भी निवेशकों को दो चरणों में 5 रुपये और 3 रुपये प्रति शेयर का लाभ मिला था।
ग्रीन फ्यूल सेक्टर में बड़ा निवेश
इंडियन ऑयल ने भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक नए ग्रीन फ्यूल प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है। कंपनी M11 Energy Transition के साथ मिलकर ओडिशा के पारादीप में Sustainable Aviation Fuel (SAF) प्लांट लगाएगी।
50:50 साझेदारी वाले इस प्रोजेक्ट की क्षमता 100 KTPA होगी और इसकी अनुमानित लागत 1,064 करोड़ रुपये बताई गई है।
शेयर बाजार में दबाव
बेहतर मुनाफे के बावजूद कंपनी के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। बीएसई पर IOC का शेयर 2.01 फीसदी गिरकर 131.85 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक सप्ताह में शेयर करीब 6 फीसदी टूट चुका है, जबकि एक महीने में इसमें 9.60 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि लंबी अवधि में देखें तो पिछले तीन साल में कंपनी के शेयर ने निवेशकों को करीब 53 फीसदी का रिटर्न दिया है।
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