
जोधपुर । पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Former Chief Minister Ashok Gehlot) ने कहा कि भाजपा सरकार की लचर नीति के कारण (Due to poor policies of BJP Government) राजस्थान की जनता (People of Rajasthan) बूंद-बूंद पानी को तरस रही है (Are craving for every drop of Water) ।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को जोधपुर पहुँचते ही प्रदेश की भाजपा सरकार पर चौतरफा राजनीतिक हमला बोला। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने पेयजल किल्लत, स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही गिरावट, पंचायत-नगर निगम चुनावों में देरी और अटके हुए विकास कार्यों को लेकर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार अपने कार्यकाल का जश्न मनाने में व्यस्त है, लेकिन जमीनी स्तर पर जनता को राहत देने वाले ठोस काम गायब हैं। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान मंत्री उनके साथ बैठकर अनुभव साझा करते, तो प्रशासनिक कार्यों को बेहतर तरीके से संभालना सीख सकते थे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने गृह जिले जोधपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में गहराते पानी के संकट को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना के जरिए मारवाड़ के कोने-ने तक पानी पहुँचाने के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा तैयार किया था। उन्होंने दावा किया कि: नहर के तीसरे चरण के कार्यों के लिए उनकी सरकार ने करीब 1400 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। मौजूदा सरकार की कमजोर निगरानी और खराब क्रियान्वयन (इम्पलीमेंटेशन) के कारण आज जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है।
गहलोत ने अपने कार्यकाल की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना का जिक्र करते हुए कहा कि चिरंजीवी योजना का लाभ अब आम लोगों तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुँच पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों में मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है और उनसे अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है, जिससे आम आदमी को मजबूरी में अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान जोधपुर में बने मेडिकल कॉलेज, नए अस्पताल भवनों और विश्वविद्यालयों जैसी आधुनिक सुविधाओं को भी वर्तमान सरकार ठीक से संभाल नहीं पा रही है।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव: पंचायत और नगर निगम चुनावों को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए गहलोत ने कहा कि चुनाव करवाने में लगातार जानबूझकर देरी की जा रही है। इस ढुलमुल रवैए पर अदालत भी सरकार के खिलाफ तल्ख टिप्पणी कर चुकी है। पेपर लीक पर सिर्फ प्रचार: भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक के मामलों पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपियों और माफियाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई की शुरुआत उनकी सरकार ने की थी, जबकि मौजूदा सरकार केवल प्रचार और क्रेडिट लेने तक ही सीमित दिखाई दे रही है। गहलोत ने अंत में कहा कि प्रदेश की जनता पानी, बिजली और इलाज जैसी बुनियादी समस्याओं से त्रस्त है, इसलिए सरकार को उत्सवों से बाहर निकलकर जमीनी मुद्दों पर गंभीरता दिखानी चाहिए।
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