
जबलपुर। गर्मी बढ़ते ही जबलपुर में आगजनी की घटनाएं भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई हैं। घर, दुकान, गोदाम, फैक्ट्री और लॉजिस्टिक पार्क छोटी-सी चिंगारी से बड़े अग्निकांड में तब्दील हो रहे हैं। मार्च से मई के बीच का समय शहर के लिए सबसे ज्यादा संवेदनशील साबित हो रहा है। पिछले तीन वर्षों में इस अवधि के दौरान हुई 18 बड़ी आगजनी की घटनाओं में 11 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जलकर खाक हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट सर्किट, घटिया वायरिंग, ओवरलोड बिजली कनेक्शन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी शहर को आग के बड़े खतरे की ओर धकेल रही है। दूसरी ओर संकरी गलियां, अव्यवस्थित बाजार और ट्रांसफार्मरों के आसपास जमा कचरा आग को और भयावह बना रहा है।
यूनिटी लॉजिस्टिक पार्क में लगी आग ने दहला दिया था शहर
4 मई को कटंगी बायपास स्थित यूनिटी लॉजिस्टिक पार्क में लगी भीषण आग शहर की सबसे बड़ी घटनाओं में शामिल रही। आग इतनी भयावह थी कि उसकी लपटें तीन किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रही थीं। करीब 12 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हादसे में तीन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के एफएमसीजी उत्पाद, खाद्य तेल और अनाज पूरी तरह नष्ट हो गए।
फर्नीचर फैक्ट्री और कबाड़ बाजार भी बने आग का शिकार
10 मार्च को अधारताल सब्जी मंडी के पास स्थित क्लासिक फर्नीचर और साहू फर्नीचर में देर रात शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। आठ दमकल वाहनों ने साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई, लेकिन तब तक लाखों रुपए का सामान जल चुका था। वहीं 5 अप्रैल को गुरंदी कबाड़ बाजार की तीन दुकानों में आग लगने से कई ट्रक कबाड़ राख हो गया। पांच दमकल वाहनों को डेढ़ घंटे तक संघर्ष करना पड़ा।
आंकड़े बता रहे खतरे की गंभीरता
वर्ष बड़ी आगजनी की घटनाएं अनुमानित नुकसान
2024 6 18 लाख रुपए
2025 4 80 लाख रुपए
2026 8 10 करोड़ रुपए से अधिक
15 साल से फाइलों में कैद सुरक्षा योजना
शहर के भीड़भाड़ वाले बाजारों और तंग गलियों को सुरक्षित बनाने के लिए पिछले 15 वर्षों से अग्नि सुरक्षा ड्राफ्ट तैयार करने की बातें हो रही हैं। वर्ष 2020 और 2024 में ड्राफ्ट तैयार भी हुए, लेकिन लागू होने से पहले ही निरस्त कर दिए गए। अब विधानसभा में मामला उठने के बाद नगरीय प्रशासन मंत्री ने तीन महीने के भीतर नया ड्राफ्ट लागू करने का आश्वासन दिया है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
विद्युत विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश भवनों में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर वायरिंग नहीं की जाती। सामान्य इलेक्ट्रिशियन से कराई गई फिटिंग, घटिया तार और लोड बैलेंसिंग की अनदेखी आगे चलकर बड़े अग्निकांड का कारण बनती है।
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