
इंदौर। उज्जैन से गंभीर हालत में अरबिंदो अस्पताल रैफर की गई एक महिला मरीज की मौत के बाद उसके परिजन ने अस्पताल की महिला डॉक्टर पर हमला करते हुए उन्हें जान से मारने का प्रयास किया। इस दौरान न केवल जमकर लात-घूंसे चलाए गए, बल्कि डॉक्टर का गला दबाने की भी कोशिश की गई। मौके पर मौजूद नर्स एवं अन्य स्टाफ ने बीचबचाव कर डॉक्टर की जान बचाई।
गर्भवती महिला रुखसाना पति शाहरुख मुल्तानी का सिजेरियन ऑपरेशन उज्जैन स्थित एक निजी अस्पताल में कल शाम हुआ था, जहां तबीयत बिगडऩे के बाद उसे रात 11.30 बजे इंदौर रैफर किया गया। रात करीब साढ़े 12 बजे उसे अस्पताल लाया गया। तत्काल डॉक्टर ने समुचित उपाय करते हुए उसे बचाने के प्रयास किए, लेकिन हालत पहले से ही बहुत खराब होने से उसे बचाया नहीं जा सका। इस पर परिजन डॉक्टर के साथ बहुत बुरी तरह पेश आए, यहां तक कि उनकी हत्या करने की भी कोशिश की। इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित थाने में कर कार्रवाई करने की मांग की है। डीन आरआर वावरे के अनुसार अस्पताल में पहले भी डॉक्टरों के साथ इस तरह के दुव्र्यवहार, हाथापाई और बुरी तरह से मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनका विस्तृत ब्योरा शासन-प्रशासन को बार-बार भेजा गया है, फिर भी रोक लगने के बजाय इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट भी अस्पतालों में इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए गाइडलाइन जारी कर चुकी है।
गंभीर मरीज किए जाते हैं रैफर
मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. नाईक ने बताया कि प्रदेश का सबसे बड़ा निजी चिकित्सकीय संस्थान होने के कारण श्री अरबिंदो अस्पताल में इंदौर के आसपास समेत पूरे प्रदेश के अत्यंत गंभीर मरीजों को रैफर किया जाता है। इनमें से कई मरीजों के बचने की संभावना काफी कम होती है। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश करते हैं। अधिकांश मामलों में वह सफल भी हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में तमाम कोशिशों के बावजूद मरीज की जान नहीं बच पाती है। ऐसे में उनके परिजन उग्र होकर बेहतर से बेहतर इलाज का प्रयास कर रहे डॉक्टर से ही मारपीट और यहां तक कि उसकी हत्या के प्रयास पर आमादा हो जाते हैं।
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