
इंदौर। शहर के व्यस्ततम भीड़भरे व्यापारिक क्षेत्र सीतलामाता बाजार में भरी दोपहर 35 किराएदारों से भरे भंडारी मार्केट के मकान मालिक ने मार्केट के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और किराएदारों को अंदर घुसने नहीं दिया, जबकि मकान मालिक और किराएदारों के बीच का विवाद कोर्ट में चल रहा है और न्यायालय ने यथास्थिति के आदेश दिए हैं। इसके बावजूद मकान मालिक ने पुलिस की मौजूदगी में दबंगई की।
करीब छह दशक से यहां व्यवसाय कर रहे व्यापारियों का दावा है कि भवन को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है और माननीय हाईकोर्ट से स्थगन आदेश भी प्रभावी हैं। इसके बावजूद प्रवेश द्वार पर लगे शटर पर ताला लगाकर हथौड़े और अन्य औजार लेकर पहुंचे लोगों ने टीन शेड के एंगलों को काटना शुरू कर दिया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई।
व्यापारियों का आरोप है कि भवन मालिक को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है, इस कारण घटना के दौरान मौजूद पुलिस भी व्यापारियों पर दबाव डालती रही। व्यापारियों का कहना है कि भवन की ऊपरी मंजिल जर्जर हो चुकी है, जिसको बचाने के लिए मार्च में प्रशासनिक अधिकारियों के सामने टीन शेड लगवाया गया था। उसे भवन मालिक के लोगों द्वारा कल काटा गया, जिससे बारिश का पानी अंदर रिसने से न केवल भवन जर्जर हो, बल्कि दुकानों मेंं भरा लाखों का माल खराब हो जाए और दुकानदार दुकानें खाली करने पर मजबूर हो जाएं।
चौकीदार का परिवार रहता था ऊपर, एक सप्ताह पूर्व उससे खाली करवाया मकान
भंडारी मार्केट के व्यापारियों का कहना है कि दुकानों की ऊपरी मंजिल पर भवन मालिक द्वारा नियुक्त चौकीदार का परिवार रहता था, जिसे एक सप्ताह पूर्व ही किसी अन्य जगह स्थानांतरित किया गया, ताकि भवन में तोडफ़ोड़ की जा सके।
ट्रस्ट के स्वामित्व का है मार्केट
भंडारी मार्केट बखतराम बक्शीराम भंडारी ट्रस्ट द्वारा बनवाया गया था। मार्केट के व्यापारी वर्षों से ट्रस्ट के नियुक्त प्रतिनिधि को बाकायदा प्रतिमाह किराया अदा करते आ रहे हैं। ट्रस्ट ने सभी दुकानदारों को पगड़ी पर दुकानें किराए पर दी थीं। विगत कुछ वर्षों से कोई किराया भी नहीं लेने आ रहा है और दुकानदारों पर आरोप लगाया जा रहा है कि वो किराया नहीं दे रहे हैं, जबकि व्यापारियों ने उन्हें नोटिस भी पहुंचाया।
केजरीवाल दम्पति पर षड्यंत्र के माध्यम से बेचने का आरोप
व्यापारियों के अनुसार उक्त मार्केट ट्रस्ट के नाम से दर्ज था। ट्रस्टी बखतराम भंडारी के बाद उनकी बेटी वीना केजरीवाल ने पति विनोद केजरीवाल के साथ ट्रस्ट के नाम से दर्ज मार्केट को अपनी मां के नाम करवाकर उसे बाले-बाले बेच दिया।
विधायक गौड़ ने मिलने बुलाया
घटना की जानकारी विधायक मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़ को लगी तो उन्होंने व्यापारियों को फोन कर बुलाया, लेकिन चूंंकि खरीदारों में गौड़ परिवार के सदस्य का नाम था, इसलिए कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।
पहले 4 खरीदारों के नाम सामने आए थे, वर्तमान में एक ही सामने आया
विवादित मार्केट के व्यापारियों के अनुसार 2022 में उक्त मार्केट को बेचे जाने की खबर उन तक पहुंची, जिसमें मार्केट को खरीदने वालों में सुनीलसिंह परिहार, हेमंत यादव और राजसिंह गौड़ एवं एक अन्य का नाम सामने आया था। हेमंत यादव के जेल जाने के बाद समय के साथ राजसिंह गौड़ और एक अन्य खरीदार ने इस मामले से अपने आपको अलग किया। अब सिर्फ सुनीलसिंह परिहार ही फ्रंट पर दिखाई दे रहा है, जो अपने साथ तोडफ़ोड़ करने के लिए मजदूरों को लेकर भारी-भरकम औजारों के साथ पहुंचा था।
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