
अतिरिक्त कार्योंके लिए प्राधिकरण ने 25 फीसदी राशि की प्रशासकीय मंजूरी बोर्ड से ली
इंदौर। प्राधिकरण (IDA) ने अपनी सुपर कॉरिडोर (Super Corridor) की दो महत्वपूर्ण योजनाओं के साथ एमआर-10 के विकास (MR-10 development) पर अब तक 190 करोड़ रुपए खर्च दिए हैं। एमआर-10 के पुराने फोरलेन फ्लायओवर (Flyover) के बगल में एक नया फोरलेन ब्रिज भी बनाया जा रहा है। पूर्व में टेंडर के जरिए जो कार्य मंजूर किए गए थे उसमें बढ़ोतरी के चलते लगभग 25 फीसदी राशि अतिरिक्त मंजूर की गई है। योजना 169-ए पर अभी तक प्राधिकरण 57.66 करोड़ खर्च कर चुका है, तो योजना 139 एमआर-10 के विकास पर 132.85 करोड़ रुपए की राशि खर्च हो चुकी है।
प्राधिकरण ने योजना 169-ए और 139 के विकास कार्यों हेतु पृथ्वी इन्फ्रा को 20.35 करोड़ के कार्य सौंपे थे, जिसमें से लगभग 20 करोड़ के काम हो चुके हैं। इतना ही नहीं, 169-ए के लिए तीन साल पहले बोर्ड संकल्प के माध्यम से 337 करोड़ की प्रशासकीय मंजूरी मिली थी, जिसमें से अभी तक सिर्फ 57.66 करोड़ का खर्च ही प्राधिकरण कर पाया है। इसी तरह योजना 139 के लिए 213.14 करोड़ की मंजूरी हुई थी, जिसमें से अभी तक 132.85 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। इस तरह सुपर कॉरिडोर की इन दोनों योजनाओं पर प्राधिकरण 190.51 करोड़ रुपए खर्च कर चुका है, वहीं लवकुश चौराहा से मिलने वाली एमआर-12 की पहले से बनी मुख्य सड़क को एमआर-10 से मिलाने और सर्विस रोड को ऊपर उठाने पर भी 1.40 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, तो आईएसबीटी के पास जमीन मालिक से प्राप्त भूमि पर भी सड़क निर्माण के कार्य पर 85 लाख रुपए खर्च हो रहे हैं। गोवर्धन मंदिर ट्रस्ट को अरविन्दो अस्पताल के सामने जो जमीन आवंटित की है उस पर 30 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान की सड़क के निर्माण पर भी राशि खर्च होगी, तो एक नाले को अंडरग्राउंड करने का काम भी चल रहा है। पिछले दिनों विभागीय मंत्री को कुमेड़ी के लोगों ने गंदे नाले की शिकायत की थी और इस पर 1.98 करोड़ रुपए की राशि खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। यातायात सुधार, वैकल्पिक मार्ग, जलभराव समस्या के निराकरण सहित अन्य प्रस्तावित कार्यों के चलते 5 करोड़ रुपए से अधिक की राशि की मंजूरी और मांगी गई है। हालांकि ये कार्य भी पहले से स्वीकृत 337 करोड़ के अंतर्गत ही कराया जाएगा। ठेकेदार द्वारा अतिरिक्त कार्य करने पर समयावधि भी अब बढ़ा दी गई है।
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