
इन्दौर। ‘एक पौधा, एक संकल्प : एक हरित भविष्य की ओर’ के उद्देश्य के साथ देवगुराडिय़ा की पहाड़ी के एक हिस्से में ‘पल्लव आरोग्य वन’ बनाया गया है। यहां थीम ‘नवजीवन, विकास और सतत भविष्य का संकल्प’ लेकर 500 औषधीय और छायादार पौधे रोपे गए हैं।
पर्यावरण संरक्षण और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) की दिशा दवा कंपनी का साथ ‘आरोग्य भारती और गो वॉव संस्था’ ने दिया। क्रसुला के अधिकारियों, कर्मचारियों और शहर के डॉक्टर्स ने हिस्सा कल यहां हिस्सा लेकर ‘पल्लव आरोग्य वन’ में सहयोग दिया। रूपेश गुप्ता ने बताया कि स्वस्थ समाज की नींव स्वस्थ पर्यावरण से होती है। अब यही पौधों के बड़े होने तक उनके उचित रखरखाव, सिंचाई और संरक्षण की पूरी जिम्मेदारी भी लेंगे। वन में नीम, पीपल और बरगद जैसे दीर्घायु व ऑक्सीजन प्रदाता पौधों को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही कई औषधीय पौधे भी लगाए गए हैं।
भारत विकास परिषद् भी जुटा अभियान में
भारत विकास परिषद् तिलक शाखा ने भी पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत की भावना को साकार करते हुए महू के समीप ग्राम आशापुरा स्थित निसर्ग परिसर में 100 छायादार पौधों का रोपण किया। शाखा अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल, सचिव सुभाषचंद्र वर्मा सहित पचास सदस्य पहुंचे, साथ ही सभी ने प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए पर्यावरण संतुलन बनाए रखने हेतु अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।
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