
प्रवेश द्वारों पर व्यवस्था में सुधार की दरकार
इन्दौर। मानसून (Monsoon) की शुरुआती बारिश (Rain) के बाद एक तरफ जहां सब्जियों (Vegetables) की फसलों में सुधार हुआ है और आवक बढ़ी है, वहीं मध्यप्रदेश (MP) की सबसे बड़ी चोइथराम सब्जी मंडी (Choithram Mandi) में गंदगी के बीच सब्जियां बिक रही हैं। एक ओर कीचड़ है, दूसरी ओर गंदगी से सने लोग…पूरे मंडी परिसर में कचरा, गंदगी और भारी बदबू का साम्राज्य फैला हुआ है, जिसके कारण यहां आने वाले किसानों, व्यापारियों और आम जनता को तो भारी परेशानी का सामना करना ही पड़ रहा है, वहीं सब्जियां भी प्रदूषित हो रही हैं। सब्जियों की सड़ांध इस कदर है कि खेरची खरीदारों को चारों तरफ फैली गंदगी और अव्यवस्थाओं के चलते नाक बंद करके खरीदारी करने पर मजबूर होना पड़ा।
मंडी के मुख्य प्रवेश द्वारों पर किसानों और व्यापारियों की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यहां तैनात कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं। शिकायतें होने पर मंडी प्रशासन द्वारा दिखावे के लिए कुछ दिन कार्रवाई की जाती है और कर्मचारियों को हटाया जाता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर उन्हीं सांठगांठ वाले कर्मचारियों की तैनाती कर दी जाती है। मुख्य प्रवेश द्वारों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के एंगल जानबूझकर बदल दिए जाते हैं, ताकि अवैध गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड न हो सकें। कैमरों की नजर से बचकर यहां आने वाले वाहनों से तय राशि से कहीं ज्यादा की अवैध वसूली धड़ल्ले से की जा रही है, जिससे किसान और व्यापारी बेहद परेशान हैं। सब्जियों की आवक की बात करें तो मालवा-निमाड़ और इंदौर के 50 किलोमीटर के दायरे से मंडी में रोजाना छोटी-बड़ी 50 से अधिक गाडिय़ां पहुंच रही हैं। इसके अलावा केरल, दक्षिण भारत और गुजरात से सुरजना (सहजन) की फली की आवक भी लगातार बनी हुई है। मंडी में माल भरपूर होने से अधिकांश सब्जियों के थोक दाम सामान्य बने हुए हैं, लेकिन थोक और खुदरा बाजार के भाव में 15 से 20 रुपए प्रतिकिलो तक का बड़ा अंतर होने से आम उपभोक्ताओं को खुदरा बाजार में महंगी सब्जियां खरीदनी पड़ रही हैं। व्यापारियों के अनुसार यदि आगामी दिनों में लगातार तेज बारिश होती है तो खेतों से माल प्रभावित होगा, जिससे आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम और बढ़ सकते हैं।
थोक में सब्जियों के दाम
वर्तमान में चोइथराम मंडी के थोक भावों पर नजर डालें तो इस समय सुरजना फली सबसे महंगी और बैंगन सबसे सस्ती सब्जी बनी हुई है। मंडी में बैंगन 2 से 3 रुपए, खीरा ककड़ी 8 से 12 रुपए, पत्तागोभी 10 से 12 रुपए, टिंडा 10 से 15 रुपए, लौकी 15 से 16 रुपए, गाजर 15 से 20 रुपए, गिलकी 18 से 20 रुपए, धनिया 20 से 25 रुपए, पालक 20 से 25 रुपए, भिंडी 25 से 30 रुपए, तुरई 25 से 30 रुपए, हरी मिर्च 25 से 30 रुपए, चतरफली 30 से 35 रुपए और सुरजना (सहजन) फली 40 से 45 रुपए प्रतिकिलो के थोक भाव पर बिक रही है। सब्जियों की इस भरपूर आवक के बीच अगर मंडी प्रशासन ने गंदगी और प्रवेश द्वारों पर हो रही अवैध वसूली पर तुरंत लगाम नहीं लगाई तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
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