
सहकारिता विभाग ने की कार्रवाई तो दूसरी तरफ वरीयता सूची के नाम पर डेढ़ लाख रुपए तक की अवैध वसूली की भी शिकायत
इंदौर। सबसे अधिक जमीन गांधी नगर संस्था (Gandhi Nagar Organization) के पास रही और अनियमितताएं भी ढेरों उजागर होती रही है, जिसके चलते अभी सहकारिता विभाग (Cooperation Department) के डिप्टी रजिस्ट्रार (Deputy Registrar) ने एक आदेश जारी कर दो संचालकों के साथ प्रबंधक को भी 6 साल के लिए निष्कसित करते हुए उनके चुनाव लडऩे पर भी रोक लगा दी। इसके साथ ही कुछ समय पूर्व उप अंकेक्षक के खिलाफ भी विभागीय जांच शुरू करवाई गई।
डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. मनोज कुमार जायसवाल द्वारा जारी विस्तृत आदेश में गांधी नगर संस्था के संचालक मंडल में शामिल अतुल नितिन केकरे और सोहनसिंह राठौर को संचालक मंडल में कोई भी पद धारण करने के लिए 6 साल की रोक लगाई गई। दरअसल, संस्था पर अवैध तरीके सेभूखंडों के आवंटन सहित अन्य आरोप लगते रहे हैं। इसके साथ ही प्रबंधक फूलचंद पांडे को भी हटाया गया। हालांकि अभी भी संस्था में वे कार्य कर रहे हैं। सदस्यों का कहना है कि लगभग डेढ़ लाख रुपए की अवैध राशि भी वरीयता सूची तैयार करने के नाम पर मांगी जा रही है और अभी भी हटाए गए प्रबंधक काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि सहकारिता विभाग का आदेश नहीं मिला। एक ही परिवार के सदस्यों को भूखंडों के आवंटन से लेकर प्राथमिकता सूची के प्रकाशन, ऑडिट में गड़बडिय़ों के साथ कई तरह के आरोप गांधी नगर संस्था पर लगते रहे हैं। दूसरी तरफ डायमंड गृह निर्माण के जमीनी जादूगरों और भूमाफियाओं ने सत्यसांई गृह निर्माण में भी अपने खेल दिखाए और ग्राम मोरोद की 23 एकड़ जमीन निजी कम्पनी में रजिस्ट्री करवा ली गई और पूर्व में करवाई गई 5 रजिस्ट्रियों को भी अब मंजूरी दी, वहीं पाŸवनाथ गृह निर्माण में भी अध्यक्ष भरत डोसी ने अभी कुछ समय पूर्व कुछ अवैध रजिस्ट्रियां करवा दी, तो साढ़े 6 हजार स्क्वेयर फीट के भूखंड हैं। बिचौली हब्सी स्थित धरम नगर में ये रजिस्ट्रियां करवाई गई हैं। सत्यसांई और पाŸवनाथ में हुए भू-घोटालों से जुड़े दस्तावेजों के माध्यम से पुलिस, प्रशासन और सहकारिता विभाग में शिकायत भी की जा रही है।
डायमंड के चारों आरोपियों की रिमांड खत्म, जेल भेजा
कनाडिय़ा रोड स्थित डायमंड गृह निर्माण की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला जो पिछले दिनों उजागर हुआ उसमें पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की और उसके आधार पर प्रतीक संघवी और दीपक मद्दे से जानकारी ली गई। पुलिस का कहना है कि चारों आरोपियों का रिमांड कल खत्म हो गया और उन्हें जेल भेज दिया है। इस मामले में लिप्त अन्य रसूखदारों से भी आगे की पूछताछ जारी रहेगी।
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